Jaipur Blast 2008: 15 साल चली कानूनी लड़ाई, नतीजा- धमाकों के सभी आरोपी राजस्थान हाईकोर्ट से बरी
Jaipur Blast 2008 के मामले में जांच एजेंसी और राज्य की पुलिस आरोपियों पर दोष सिद्ध करने में सफल नहीं हो सके। राजस्थान हाईकोर्ट ने आज सभी आरोपियों को बरी करने का फैसला सुनाया। जानिए पूरा मामला

Jaipur Blast 2008 देश के सबसे खौफनाक मंजरों में एक है। 15 साल पहले हुए धमाकों के मामले में कई लोगों पर गंभीर आरोप लगे, लेकिन इतने लंबे ट्रायल के बाद भी अभियोजन पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर सका। 1ू5 साल के कानूनी दांव पेंच के बाद हाईकोर्ट ने आज जयपुर धमाकों के सभी आरोपियों को बरी करने का फैसला सुनाया। जानिए पूरा मामला, जिसमें Rajasthan High Court ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
71 लोग मारे गए और 180 से अधिक घायल, दोषी कौन?
राजस्थान हाईकोर्ट ने 2008 के जयपुर ब्लास्ट के सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। राजस्थान उच्च न्यायालय ने बुधवार को 2008 में जयपुर सीरियल ब्लास्ट मामले में उन अभियुक्तों को बरी किया जिन्हें एक निचली अदालत ने मृत्युदंड दिया था। फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी। बता दें कि जयपुर धमाकों में 71 लोग मारे गए और 180 से अधिक घायल हो गए थे।
निचली अदालत का फैसला, हाईकोर्ट में पलटा
हाईकोर्ट में जस्टिस पंकज भंडारी और समीर जैन की खंडपीठ ने बुधवार को फैसला सुनाया। समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2019 में धमाके के पीड़ितों को इंसाफ की आस मिली जब राजस्थान की एक विशेष अदालत ने 2008 के जयपुर सीरियल बम ब्लास्ट मामले में चार दोषियों को मौत की सजा सुनाई थी। विशेष न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा ने इस संबंध में आदेश पारित किया था।
11 साल बाद सजा-ए-मौत
निचली अदालत ने चारों आरोपियों को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया था। मौत की सजा पाने वाले गुनाहगारों में मोहम्मद सैफ, सलमान, मोहम्मद सरवर आजमी और सैफफुर्रहमान के नाम हैं। हालांकि शाहबाज नाम के एक व्यक्ति को इस मामले में सबूतों के अभाव में बरी भी कर दिया गया। हाईकोर्ट में स्पेशल कोर्ट के फैसले को चैलेंज किया गया। अब 15 साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद चौंकाने वाला फैसला आया है। जिससे पीड़ितों को इंसाफ के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
किन इलाकों में ब्लास्ट हुए थे
बता दें कि करीब 15 साल पहले राजस्थान में सीरियल बम धमाकों से पूरा देश दहल उठा था। 13 मई, 2008 को माणक चौक खंडा, चांदपोल गेट, बड़ी चौपड़, छोटी चौपड़, त्रिपोलिया गेट, जौहरी बाजार और सांगानेरी गेट पर एक के बाद एक बम धमाकों की खौफनाक यादें जयपुर की जनता के दिलोदिमाग में आज भी ताजा हैं।
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मंदिर के पास जिंदा बम बरामद हुआ था
15 साल पहले की उस दर्दनाक शाम को हुए विस्फोटों में 71 लोग मारे गए और 185 घायल हुए थे। रामचंद्र मंदिर के पास से एक जिंदा बम बरामद किया गया था। जिसे बम निरोधक दस्ते ने निष्क्रिय कर दिया था।












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