ओवैसी बोले- Gyanvapi Verdict 1991 के कानून के खिलाफ है, अदालत का फैसला झटका !
Gyanvapi Shringar Gauri केस में वाराणसी जिला कोर्ट के फैसले को ओवैसी ने 1991 के कानून का उल्लंघन बताया है। Gyanvapi Shringar Gauri dispute owaisi judgement against Places of Worship Act setback
जयपुर, 14 सितंबर : वाराणसी कोर्ट का Gyanvapi Verdict सुर्खियों में है। निचली अदालत ने कहा है कि याचिका सुनवाई योग्य है। हिंदू पक्ष इसे अपनी जीत बता रहा है। अब AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "यह निर्णय एक झटका है और पूजा स्थल अधिनियम, 1991 के खिलाफ है। यह आगे ऐसे मामलों को खोलेगा और अस्थिरता पैदा कर सकता है।
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राजस्थान विधानसभा चुनाव में AIMIM
बकौल ओवैसी यूपी सरकार ने मुसलमानों के पास संपत्ति का आदान-प्रदान किया है। राजस्थान विधानसभा में संभावनाओं को तलाशने के प्रयास पर ओवैसी ने कहा, प्रतिस्पर्धा हमेशा रहेगी और हम इसे जीतने के लिए यहां हैं... हम राज्य में अपनी पार्टी के काम का आकलन करेंगे, राजस्थान चुनाव के लिए फीडबैक लेंगे। महिला उम्मीदवारों को समान प्रतिनिधित्व दिया जाएगा, वे देश की आधी आबादी बनाती हैं।
हिजाब विवाद पर कमेंट
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, हिजाब मुसलमानों के लिए एक आवश्यक धार्मिक प्रथा है और संस्कृति का हमारा अधिकार है। अगर सरकारी स्कूल अन्य धार्मिक प्रतीकों की अनुमति दे रहे हैं, तो ऐसा क्यों नहीं। यह महिलाओं का भी अधिकार है। महिला दिमाग से नहीं सिर पर कपड़ा पहनती है।
क्या है वाराणसी कोर्ट का फैसला
बता दें कि सोमवार को ज्ञानवापी मस्जिद मामले में याचिकाकर्ता सोहन लाल आर्य ने अदालत के फैसले के बाद कहा, यह हिंदू समुदाय की जीत है। अगली सुनवाई 22 सितंबर को है। उन्होंने कहा कोर्ट का फैसला ज्ञानवापी मंदिर की आधारशिला है। याचिकाकर्ता सोहन लाल आर्य ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की।












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