अजमेर में नारेबाजी का आरोपी गौहर चिश्ती क्यों नहीं हुआ रिहा, कोर्ट आदेश पर क्या बोला चिश्ती ?
Ajmer News: राजस्थान के अजमेर में कथित नारेबाजी नारेबाजी सर तन से जुदा का आरोपी गौहर चिश्ती फिलहाल जेल से रिहा नहीं हुआ है। एक अन्य मामले मे कोर्ट में आज हुआ पेश, जमानत मिलने का है इंतजार
गौहर चिश्ती ने न्यायालय के फैसले पर रिएक्शन देते हुए कहा कि जैसी उम्मीद थी कोर्ट से वैसा ही फैसला आया है। मैं न्यायालय का शुक्रिया अदा करूंगा।
अजमेर में 2 साल पहले दरगाह के मुख्य निजाम गेट के बाहर तन सर से जुड़ा के नारे लगाने वाले गौहर चिश्ती को भले ही कल न्यायालय ने बरी कर दिया हो लेकिन फिलहाल गौहर चिश्ती जेल से रिहा नहीं हुआ हैं।

गौहर चिश्ती को एक अन्य मुकदमें में जमानत मिलने का इंतजार है। आज एक अन्य मुकदमें में गौहर चिश्ती को अवकाश कालीन कोर्ट में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पेश किया गया।
गौहर चिश्ती के एडवोकेट हाजी फय्याज खान ने बताया कि 2022 कोरोना काल में गौहर चिश्ती बेसुध हालत में जवाहरलाल नेहरू अस्पताल पहुंचे थे। जहां गौहर चिश्ती के परिजन और अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों के बीच इलाज की बात को लेकर हंगामा खड़ा हो गया था।
अजमेर में गौहर चिश्ती ने कोर्ट के आदेश पर यह दिया रिएक्शन, लेकिन नहीं हुआ रिहा pic.twitter.com/o5Htmmz2sA
— PURSHOTTAM KUMAR (@pkjoshinews) July 17, 2024
जिस पर स्ट्राइक पर चल रहे चिकित्सकों ने गौहर चिश्ती व उनके परिजनों के खिलाफ चिकित्सा अधिनियम के तहत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
गौरतलब है कि इस प्रकरण के कुछ दिनों बाद ही दरगाह की सीढ़ियों पर सर तन से जुदा वाले नारे के बाद वह चिश्ती फरार हो गया था और उसे 20 दिन बाद हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया था तब से वह जेल में है।
इसी वजह से अस्पताल में हुई कहासुनी वाले प्रकरण में सुनवाई नहीं हो सकी अब गौहर चिश्ती सर तन से जुदा वाले मामले में बरी हो चुके हैं। उसके बाद आज चिकित्सकों वाले मुकदमे में गौहर चिश्ती को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। जहां सुनवाई कल के लिए कल की तारीख मुकर्रर की गई है।
गौहर के वकील ने कहा कि यह मामला जमानती है। इस मामले में गौहर चिश्ती की जमानत जप्त थी क्योंकि पिछले 2 सालों से गौहर चिश्ती जेल में बंद है। उन्होंने कहा कि कल इस मामले में गौर चिश्ती को जमानत मिलने की उम्मीद है।
वहीं गौहर चिश्ती ने न्यायालय के फैसले पर कहा कि उनको जैसी उम्मीद थी फैसला वैसा आया है, मैं न्यायालय का शुक्रिया अदा करूंगा।












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