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RAJASTHAN: नहीं रहे पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह, विदेश सेवा से विदेश मंत्री तक के सफर में रचे कई कीर्तिमान !

NATWER SINGH IN RAJASTHAN NEWS:देश के पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह का लम्बी बिमारी के बाद शनिवार रात गुरूग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। नटवर सिंह 93 साल के थे और राजस्थान के भरतपुर निवासी थे।

पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह का शनिवार देर रात गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। वह पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। मेदांता अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।

नटवर सिंह ने मई 2004 से दिसंबर 2005 तक डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार में विदेश मंत्री के रूप में कार्य किया था।

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पूर्व विदेश मंत्री के. नटवर सिंह का शनिवार रात लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे 93 वर्ष के थे। उन्होंने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली, जहां उन्हें पिछले कुछ हफ्तों से भर्ती किया गया था। जानकारी के मुताबिक उनके बेटे अस्पताल में हैं और उनके परिवार के कई अन्य सदस्य अंतिम संस्कार के लिए रविवार को दिल्ली आ रहे हैं।

जानिए नटवर सिंह के बारे में !

पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह पदम् भूषण से सम्मानित थे। अंतिम संस्कार कल दिल्ली के लोधी ग्राउंड पर होगा। नटवर सिंह इंदिरा से लेकर राजीव,सोनिया व राहुल गांधी के करीबी रहे थे। पटियाला राजघराने में नटवर सिंह की शादी हुई थी ।

नटवर सिंह राजस्थान के भरतपुर से दो बार सांसद रहे हैं। उनके पैतृक गांव जघीना में शोक की लहर दौड़ गई है। पुत्र कुंवर जगत सिंह नदबई से भाजपा विधायक है। नटवर सिंह ने वन लाइफ इज नॉट इनफ़ पुस्तक लिखी थी । उनका जन्म 16 मई 1929 में हुआ था।

नटवर सिंह के पिता का नाम मेजर गोविंद सिंह था। माँ प्रयाग कौर के चार पुत्रों में सबसे छोटे बेटे थे नटवर सिंह। दिल्ली और केम्ब्रिज विश्वविधालय में नटवर सिंह ने पढ़ाई की थी। 953 में भारतीय विदेश सेवा में चुने गए थे।

साल 1984 में पहली बार भरतपुर से सांसद चुने गए थे, 1985 में राजीव गांधी सरकार में मंत्री रहे, 1986 में विदेश राज्य मंत्री बनाया गया था। 2004 में डॉक्टर मनमोहन सरकार में विदेश मंत्री रहे। नटवर सिंह को पढ़ने का काफी शौक़ था। उनकी लाइब्रेरी में करीब 10 हजार से ज्यादा किताबें आज भी रखी हुई है।

के. नटवर सिंह ने 2004-05 के दौरान मनमोहन सरकार में भारत के विदेश मंत्री के रूप में सेवा दी थी। इस दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह थे। उन्होंने पाकिस्तान में राजदूत के रूप में भी कार्य किया और 1966 से 1971 तक तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यालय से जुड़े रहे

भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी से देश के विदेश मंत्री तक के औहदे पर पहुंचने वाले नटवर सिंह राजस्थान के भरतपुर जिले के रहने वाले थे। नटवर सिंह की प्रारंभिक शिक्षा अजमेर के मेयो कॉलेज से हुई थी।

इसके बाद उन्होंने ग्वालियर के सिंधिया कॉलेज से पढ़ाई की, साथ ही इनकी उच्च शिक्षा सेंट स्टीफंस कॉलेज से हुई। बाद में उन्होंने इंग्लैंड के कैंब्रिज विश्वविद्यालय से पढ़ाई की। इनके पिता भरतपुर के पूर्व राजपरिवार में अहम पद पर कार्यरत थे।

वर्ष 1984 में जीता था पहला चुनाव
1953 में नटवर सिंह को भारतीय विदेश सेवा (IFS) के लिए चुना गया और 31 साल तक उन्होंने सेवाएं दीं। उन्होंने चीन, न्यूयॉर्क, पोलैंड, इंग्लैंड, पाकिस्तान, जमैका और जाम्बिया सहित कई देशों में सेवा की।

इंदिरा गांधी के निधन के बाद नटवर सिंह ने 1984 में विदेश सेवा से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस के टिकट पर भरतपुर से लोकसभा चुनाव लड़ा और जीता। इसके बाद उन्हें राज्यमंत्री का पद मिला।

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