राजस्थान इंटरकास्ट मैरिज: शादी करने पर मिलेंगे 10 लाख रुपए, जानिए कौन होगा पात्र व आवेदन का तरीका क्या?
राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट में घोषणा की थी कि इंटरकास्ट मैरिज को वाले जोड़े को प्रोत्साहन राशि के रूप में 5 लाख की एफडी व 5 लाख बैंक खाते में देंगे।

राजस्थान बजट 2023 की घोषणा के बाद गुरुवार से डॉ. सविता बेन अंबेडकर अंतरजातीय विवाह योजना लागू हो गई है। इसमें पहले गहलोत सरकार ने पांच लाख रुपए की घोषणा की थी। फिर राजस्थान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने राशि को बढ़ाकर पांच से दस लाख कर दिया।
केंद्र व राज्य सरकार का हिस्सा
बता दें कि दस लाख में से पांच लाख रुपए इंटरकास्ट मैरिज करने वाले जोड़े के नाम से संयुक्त खाता खुलवाकर उसमें जमा करवाए जाएंगे जबकि शेष पांच लाख रुपए की आठ साल तक के लिए एफडी करवाई जाएगी। इसमें 75 प्रतिशत राशि राज्य सरकार और 25 फीसदी राशि केंद्र सरकार वहन करेगी।
पहले से लागू है योजना
राजस्थान में इंटरकास्ट मैरिज करने पर जोड़ों को प्रोत्साहन राशि मिलने वाली यह योजना पहले से ही लागू है। अब इसे नए रूप में लागू किया गया है। पूर्व में इस योजना में ढाई लाख रुपए जोड़े के संयुक्त बैंक खाते में एफडी के रूप में जमा करवा जाते थे। अब पांच लाख रुपए खाते में अलग से भी जाम होंगे।
अंतरजातीय विवाह योजना में ऐसे करें आवेदन
- Rajasthan SJMS पोर्टल https://sjmsnew.rajasthan.gov.in/ पर जाकर SJMS SMS ऑप्शन पर क्लिक करना है।
- वहां क्लिक करने से https://sso.rajasthan.gov.in/signin पोर्टल पर पहुंचेंगे।
- नए यूजर्स को Registration लिंक पर क्लिक करके पहले अपना पंजीकरण करवाना जरूरी है। https://sso.rajasthan.gov.in/register
- जिसके बाद SSO ID ओपन होने के बाद 'Citizen' सेक्शन पर क्लिक करके SJMS Application के लिंक पर क्लिक करना है।
- Application फॉर्म में पूछी गई जानकारी ठीक से भर कर सबमिट के बटन पर CLICK कर देना है।
- शादी के 1 साल के अंदर ही इस योजना का लाभ ले सकते हैं। एक साल बाद किए गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाते।
अंतरजातीय विवाह योजना की पात्रता
- विवाह की दिनांक से एक वर्ष की अवधि में आवेदन प्राप्त होने पर योजना के तहत लाभ देय होगा। युवक-युवती के प्रथम विवाह पर ही योजना का लाभ मिलेगा।
- अतरंजातीय विवाह करने वाले युगल विवाह के प्रमाण स्वरुप सक्षम प्राधिकरण अथवा अधिकारी के कार्यालय से जारी विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र हो।
- योजना के तहत युवक-युवती में से कोई एक अनुसूचित जाति वर्ग का होना चाहिए। किसी की भी आयु 35 वर्ष से अधिक न हो, वे किसी आपराधिक मामले में दोषी न पाए गए हों।
- युगल की संयुक्त आय ढाई लाख रूपए वार्षिक से अधिक न हो। ऐसे युगल केंद्र एवं राज्य सरकार की समानंतर योजना में कोई आर्थिक लाभ प्राप्त नहीं किया हो।












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