राजस्थान के पाली में ओम आकार शिव मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा,तस्वीरें देख मंत्रमुग्ध हो जाएंगे आप
Rajasthan Letest News: हिंदूस्तान में वैसे तो जब से अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई है तब से ही कोई दूसरे मंदिर की चर्चा नहीं हो रही है।
लेकिन अब एक बार फिर से राजस्थान की चर्चाएं देशभर में शुरू हुई है। क्योंकि पाली जिले में जाडन गांव में ओम के आकार में शिव मंदिर का भव्य निर्माण करवाया जा रहा है।

पाली के जाडन गांव में बनाए जा रहे ओमकार मंदिर को अब आकर्षक रोशनी से सजाया जा रहा है। इसके प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियां जोर शोर से शुरू हो गई है।
आज भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया है। साथ ही ओम मंदिर को आकर्षक लाइटिंग से सजाया गया है। अब अगले 10 दिन तक इसकी प्राण प्रतिष्ठा के लिए भव्य आयोजन किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पाली के समीप जाडन गांव में नवनिर्मित ओम आकार का शिव मंदिर बनाया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह पूरी दुनियां का एक मात्र ऐसा शिव मंदिर है जो ओम की आकृति में बनाया गया है।
आज इस विश्व के एक मात्र ओम आकार के ऐतिहासिक शिव मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का शुभारंभ हो गया। मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन आज विधिवत प्रेम पुरी जी महाराज की समाधि से प्रारंभ हुआ।
प्रेमपुरी महाराज की समाधी पर शिव पुराण ग्रंथ का पूजन व विश्व गुरु महामंडलेश्वर परमहंस स्वामी महेश्वरानंद पुरी महाराज व अन्य संतों का जाड़न ग्रामवासियों द्वारा स्वागत सत्कार किया गया।
प्रेमपुरी महाराज की समाधि से शोभा यात्रा का शुभारंभ हुआ। शोभायात्रा में भव्य सात रथ रहे जिसमें प्रथम रथ पर शिवपुराण लिए मुख्य यजमान कर्नल खीम सिंह जी राठौड सपत्नीक रहे।
द्वितीय रथ पर व्यास पीठ के आचार्य महामंडलेश्वर चिदंबरा रहे। तृतीय रथ पर ओम मंदिर के प्रणेता विश्व गुरु महामंडलेश्वर परमहंस स्वामी महेश्वरानन्द पुरी महाराज रहे।
चतुर्थ रथ पर महामंडलेश्वर विवेक पुरी, पंचम रथ पर महामंडलेश्वर ज्ञानेश्वरपुरी, छठे रथ पर महामंडलेश्वर फूल पुरी, सातवें रथ पर आश्रम के उत्तराधिकारी अवतार पुरी रहे।
शोभा यात्रा मे कच्छी घोड़ी नृत्य, ग़ैर नृत्य, के साथ 108 कलश लिए बालिकाएं मंगला गीत गा रही थी। विदेशी भक्त सनातन की ध्वजा लिए शोभायात्रा के साथ चल रहे थे ।
शोभायात्रा प्रेम पुरी की समाधि से प्रारंभ हो कर जाड़न ग्राम के मध्य भाग से होते हुए जाड़न चौराहे से गुजरते हुए नेशनल हाईवे 162 होते हुए ओम मंदिर के द्वार से अन्दर प्रवेश की।
जहां पर आश्रम के पदाधिकारियों ने भव्य स्वागत किया। इसके बाद शोभायात्रा ओम मंदिर के गर्भ गृह में विराजित हिंदू धर्म सम्राट श्री स्वामी माधवनाद पुरी महाराज की समाधि पर पूजा अर्जना की गई।
इसके बाद सभी संत और व्यास पीठ के आचार्य कथा स्थल पर पहुँचे और व्यास गद्दी की पूजा अर्चना के साथ शिव पुराण कथा का मंगला चरण के साथ प्रारंभ किया गया। आज से शुरू हुए 10 दिवसीय तक प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
इस अवसर पर मंदिर को आकर्षक रोशनी से सजाया गया। दूर से देखने पर रोशनी से सजने के बाद मंदिर बहुत ही खूबसूरत सा नजर आ रहा था।












Click it and Unblock the Notifications