Lok Sabha Election: दौसा में नरेश से सुलह की बड़ी वजह क्या...? समझौता या फिर सचिन पायलट
Lok Sabha Election: राजस्थान में जितनी मुसीबतें और दिक्कते इन लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के नेताओं के सामने आई है शायद ही किसी ओर के सामने आई हो। लेकिन अब राहत की खबर यह है कि दौसा लोकसभा सीट से बागी नरेश मीना ने नामांकन वापस ले लिया है।
थोड़े दिनों पहले जिस वीडियो में नरेश मीना मंच से पूर्व मंत्री और दौसा लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मुरारी लाल मीना को खरी खोटी सुनाते नजर आ रहे थे अब उनके सुर बदल गए है।

नरेश मीना के सुर बदले या फिर कोई समझौता हुआ लेकिन अब मुरारी लाल की मुश्किले तो कम हो गई जो चुनावी प्रचार के दौरान देखने को मिलती। अब भाजपा और कांग्रेस में सीधी टक्कर देखने को मिलेगी और मुकाबला भी काफी रौचक होगा।
दौसा लोकसभा सीट पर कांग्रेस से बागी होकर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नरेश मीणा ने चुनाव लड़ने के लिए अपना नामांकन दाखिल किया था लेकिन अब नरेश मीना ने चुनावी रण छोड़ दिया और अपना नामांकन वापस ले लिया।
राजस्थान में प्रथम चरण के मतदान के लिए नामांकन वापसी का आज अंतिम दिन होने के चलते कांग्रेस से बागी होकर नामांकन दाखिल करने वाले नरेश मीणा ने अपना नामांकन वापस ले लिया है।
नामांक वापस लेने पर नरेश मीणा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह नामांकन वापसी मैं कांग्रेस पार्टी के हित में जन भावनाओं के आधार पर ले रहा हूं।
मैने अपना नामांकन अपनी इच्छा से वापस लिया है और मैं कांग्रेस पार्टी के लिए काम करूंगा, कांग्रेस पार्टी को जीतने का पूरा प्रयास करूंगा।
नरेश मीणा ने कहा कि मैंने कांग्रेस पार्टी से टिकट मांगा था लेकिन मुझे टिकट नहीं मिला जिसको लेकर मेरे समर्थकों और मेरे अंदर रोष था । उस आक्रोष को और जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए मैंने नामांकन दाखिल किया था ।
लेकिन मेरे जो शुभचिंतक और मेरी पार्टी में मेरे परिवार में उन सब का यह मानना था कि मुझे कांग्रेस पार्टी के हित में अपना नामांकन वापस लेना चाहिए जिसके चलते मैं आज अपना नामांकन वापस ले लिया है।
आपकों बता दे कि नामांकन दाखिल से पहले नरेश मीणा ने कहा था कि दौसा से मुरारी लाल मीणा सांसद बन जाएंगे उनकी बेटी विधायक बन जाएगी तो नरेश मीणा का क्या होगा ? नरेश मीणा ने कहा कि वह बात अब गई और कांग्रेस पार्टी जो मुझे जिम्मेदारी देगी उसी के अनुसार मैं काम करूंगा।
नरेश मीणा के नामांकन वापस लेने के साथ ही अब कांग्रेस की मुश्किलें काफी हद तक कम हो गई है। जिसके चलते दौसा लोकसभा सीट पर अब भाजपा के कन्हैया लाल मीणा और कांग्रेस के मुरारी लाल मीणा में सीधी टक्कर होगी।
कांग्रेस को सलाह देते हुए नरेश मीना ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में परिवारवाद है जो ठीक नहीं है। पार्टी को नए चेहरे को और युवाओं को मौका देना चाहिए।
नरेश मीना ने अपने नामांक को वापस लेने की बड़ी वजह को भी सार्वजनिक करते हुए कहा कि यह दौसा लोकसभा सीट उनके गुरु सचिन पायलट की प्रतिष्ठा की सीट है। जिसके चलते उनके आदेशों की पालना में अपना नामांकन वापस ले रहा हूं।












Click it and Unblock the Notifications