Phool Mohammed Murder : मानटाउन थाने के CI को जिंदा जलाने के केस में 11 साल 8 माह बाद फैसला, DSP समेत 30 दोषी
सवाई माधोपुर कोर्ट ने मानटाउन सीआई फूल मोहम्मद हत्याकांड में 30 को दोषी माना
राजस्थान का बहुचर्चित सीआई फूल मोहम्मद हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है। विशिष्ट न्यायालय अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अत्याचार प्रकरण ने 16 नवंबर 2022 को सीआई फूल मोहम्मद हत्याकांड में फैसला सुनाया है। यह फैसला घटना के 11 साल 8 माह बाद आया है।

तत्कालीन सब इंस्पेक्टर सुमेर सिंह समेत 49 लोगों को दोषमुक्त
सीआई फूल मोहम्मद हत्याकांड में जज पल्लवी शर्मा ने फैसला सुनाते हुए तत्कालीन डीएसपी महेंद्र सिंह कालबेलिया समेत 30 लोगों को दोषी करार दिया है। जबकि मानटाउन पुलिस थाने के तत्कालीन सब इंस्पेक्टर सुमेर सिंह समेत 49 लोगों को दोषमुक्त किया गया है।

सीआई फूल मोहम्मद हत्याकांड में दोषियों को 18 नवंबर को सजा
दोषी करार दिए गए सभी 30 लोगों को जेल भेज दिया गया है। फैसला सुनाए जाने के दौरान सवाई माधोपुर जिला जेल परिसर छावनी में तब्दील रहा। यहां पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। सीबीआई प्रतिनिधि अधिवक्ता श्रीदास सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सीआई फूल मोहम्मद हत्याकांड में दोषियों को 18 नवंबर को सजा सुनाई जाएगी।

17 मार्च 2011 को कैसे हुई थी फूल मोहम्मद की हत्या?
-बता दें कि सवाई माधोपुर जिले के मानटाउन पुलिस थाना इलाके के सूरवाल में दाखादेवी की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया था। इसी दौरान राजेश मीणा और बनवारी लाल मीणा नाम के दो युवक हाथ में पेट्रोल लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गए। दोनों दाखादेवी हत्याकांड में कार्रवाई नहीं होने पर सुसाइड की धमकी दे रहे थे।
-सूचना पाकर मानटाउन थाना पुलिस भी सूरवाल में मौके पर पहुंच गई थी। सीआई फूल मोहम्मद भी आए थे। पुलिस व ग्रामीणों ने समझाइश कर बनवारी लाल मीणा को तो टंकी से नीचे उतार लिया था, मगर खुद को आग लगाकर राजेश मीणा टंकी से नीचे कूद गया था।
-राजेश मीणा के टंकी से नीचे कूदने के बाद गुस्साए लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया था। मानउटाउन थाना पुलिस के जवान और सीआई फूल मोहम्मद लोगों की भीड़ से घिर गए थे। मानटाउन थाना पुलिस के जवान तो जैसे तैसे कर वहां से भाग गए, लेकिन पत्थर लगने की वजह से फूल मोहम्मद घायल होकर जीप में ही रहे। भाग नहीं पाए।
-इसी दौरान गुस्साई भीड़ ने पुलिस जीप को आग लगा और सीआई फूल मोहम्मद जिंदा जल गए। फूल मोहम्मद राजस्थान के सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ उपखंड के गांव खीरवा के रहने वाले थे। हत्याकांड के बाद राजस्थान सरकार ने CI फूल मोहम्मद को शहीद का दर्जा दिया था। पूरे हत्याकांड की जांच सीबीआई से करवाई।

फूल मोहम्मद हत्याकांड में 89 के खिलाफ चालान
-फूल मोहम्मद हत्याकांड सवाई माधोपुर में जांच एजेंसी सीबीआई ने 89 लोगों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया था। आरोपियों में दो बाल अपचारी भी थे। 17 मार्च 2011 के CI Phool Mohammed Murder में पांच आरोपियों की मौत भी हो चुकी है। फिलहाल 3 आरोपी पुलिस पकड़ से बाहर हैं। कुल 79 आरोपियों में से सवाई माधोपुर कोर्ट 30 आरोपियों को दोषी करार दिया है। शेष 49 को दोषमुक्त कर दिया।

फूल मोहम्मद हत्याकांड सवाई माधोपुर के दोषी
महेंद्र सिंह तंवर तत्कालीन डीएसपी
राधेश्याम माली
बल्लो उर्फ बबलू माली
पृथ्वीराज मीणा
रामचरण मीणा
चिरंजीलाल माली
शेर सिंह मीना
हरजी माली
रमेश मीणा
कालू मीणा
बजरंगा खटीक
मुरारी मीणा
चतुर्भुज मीणा
रामकरण मीणा
हंसराज माली
शंकर लाल माली
बनवारी माली
धर्मेंद्र मीणा
गुमान मीणा
योगेंद्र
बरजेश माली
हनुमान उर्फ डागा मीणा
रामजीलाल मीणा
माखन मीणा
मोहन माली
मुकेश माली
श्यामलाल माली
बनवारी मीणा
रामभरोसी मीणा

दोषी डीएसपी तंवर बोले पीएफआई की जीत हुई
CI फूल मोहम्मद हत्याकांड सवाई माधोपुर में दोषी करार दिए तत्कालीन डीएएपी महेंद्र सिंह तेवर ने पुलिस जीप में बैठते हुए कहा कि पूरे प्रकरण में वे कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन इस फैसले में पीएफआई की जीत हुई है। अरब के पैसा लाकर हमें सजा करवाई गई है। पीएफआई के जफर अहमद को अब तक नहीं पकड़ा गया। इस फैसले के खिलाफ डीएसपी शीर्ष अदालत में अपील करेंगे।












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