हैलीकॉप्टर से गिरा बम, धमाके से दहल उठा इलाका, पोखरण फायरिंग रेंज में हुआ 8 फीट गहरा गड्डा

Rajasthan News: जैसलमेर में जब हेलीकॉप्टर से बम जैसी कोई वस्तु गिरी तो जोरदार धमाका हुआ और 8 फुट गहरा गड्ढा बन गया। यह घटना पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज के पास आबादी वाले इलाकों से दूर सुनसान इलाके में हुई। हालांकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है।

पोखरण से करीब एक किलोमीटर दूर राठौड़ा गांव के निवासी खींव सिंह ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब 12 बजे एक हेलीकॉप्टर गांव के ऊपर से बहुत नीचे उड़ रहा था। कुछ ही देर बाद गांव की आबादी से करीब एक किलोमीटर दूर जोरदार धमाका हुआ। धमाके की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और देखा कि बम जैसी वस्तु के टुकड़े इधर-उधर बिखरे पड़े थे।

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जैसलमेर के रामदेवरा में राठौड़ा गांव के पास से इस वस्तु के अवशेष बरामद किए गए। यह घटना आर्मी रेंज से महज 15 किलोमीटर दूर हुई। पोखरण के एएसपी गोपाल सिंह भाटी ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर रामदेवरा पुलिस मौके पर पहुंची। उन्होंने सेना, बीएसएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों को सूचित कर दिया है।

रामदेवरा थानाधिकारी शंकरलाल ने बताया कि यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर यह वस्तु कैसे गिरी और किस कारण से धमाका हुआ। संबंधित अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली।

भारतीय वायुसेना ने X पर घोषणा की कि तकनीकी खराबी के कारण पोखरण फायरिंग रेंज के पास भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान से एक एयर स्टोर अनजाने में गिर गया। इस घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जान-माल के किसी नुकसान की कोई खबर नहीं है।

करीब चार महीने पहले जैसलमेर से 30 किलोमीटर दूर वायुसेना का एक टोही विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। 25 अप्रैल 2024 को सुबह करीब 10 बजे यह यूएवी विमान पिथला-जाजिया गांव के पास भोजनियों की ढाणी के पास गिरा था। इस दुर्घटना में भी किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है।

यह यूएवी विमान मानव रहित था और इसका उपयोग सीमा क्षेत्र में लगातार गतिविधियों की निगरानी के लिए किया जाता था। तकनीकी खराबी के कारण पहले भी ऐसे विमान दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं।

12 मार्च 2024 को दोपहर करीब 2 बजे जैसलमेर में तेजस लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त होकर जैसलमेर शहर से दो किलोमीटर दूर जवाहर नगर में भील समाज के एक छात्रावास पर जा गिरा। दुर्घटना होने से पहले पायलट विमान से बाहर निकल गया था। तेजस विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की यह पहली घटना थी।

तेजस लड़ाकू विमान दुर्घटना में कोई खास नुकसान नहीं हुआ। क्योंकि उस समय छात्रावास के कमरे में कोई नहीं था। यह दुर्घटना पोखरण में चल रहे युद्ध अभ्यास स्थल से लगभग 100 किलोमीटर दूर हुई। जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना के शीर्ष अधिकारी मौजूद थे।

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