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BHILWARA : लॉकडाउन कंट्रोल रूम में अजीब शिकायतें, किसी ने मांगी शिमला मिर्च तो किसी को चाहिए नमकीन

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भीलवाड़ा। कोरोना महामारी के लॉकडाउन ने कई लोगों की कलई खोल दी तो कई घरों में झगड़े भी बढ़ गए। हद तो तब हुई भीलवाड़ा शहर में एक पत्नी ने अपने पति के शराब पीकर घर में हंगामा करने पर कलेक्ट्रेट स्थित कंट्रोल रूम में फोन कर दिया। बाद में पुलिस पहुंची और मामला शांत कराया। यही नहीं बल्कि एक परिवार में किसी नशेड़ी भाई को शराब नहीं मिली तो वे घर में सभी से झगड़ा करने लगा। आखिर में उसकी बहन ने कलेक्ट्रेट कंट्रोल रूम में फोन किया। यह शिकायत पुलिस को भेजी और उसे पाबंद कर मामला शांत किया।

16 मार्च से ही जिला कलक्ट्रेट में कंट्रोल रूम स्थापित

16 मार्च से ही जिला कलक्ट्रेट में कंट्रोल रूम स्थापित

जिला प्रशासन ने 16 मार्च से ही जिला कलक्ट्रेट में कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया। इस पर सात अप्रैल तक तीन हजार से ज्यादा शिकायतें आई है। लॉकडाउन के दौरान लोगों ने वास्तविक समस्या के अलावा कई ऐसे फोन भी किए जिनका कोई मतलब नहीं था। इस कंट्रोल रूम पर तैनात 24 कर्मचारी व अधिकारियों की टीम ने रात-दिन इन फोन को सुनकर इनकी समस्याओं का समाधान कराया।

मुफ्त के खाने के खूब किए फोन

मुफ्त के खाने के खूब किए फोन

कोरोना कर्फ्यू के दौरान शहरवासी निशुल्क खाद्य सामग्री को लेकर ज्यादा चिंतित दिखाई दिए। इसके बाद फल-सब्जी को लेकर ज्यादा शिकायतें हुई। पानी-बिजली को लेकर कोई भी व्यक्ति परेशान नहीं हुए। केवल मुफ्त खाने को लेकर ज्यादा रुचि दिखाई। कंट्रोल रूम पर दूध को लेकर मात्र 29 शिकायतें आई है। वहीं चिकित्सा व मेडिकल संबंधित शिकायतें भी ज्यादा नहीं आई। स्वच्छता व सेनिटेशन को लेकर भी मात्र दो शिकायतें आई है। वहीं, पुलिस के संबंध में 25 शिकायतें आई है।

सत्यापन हुआ तो पकड़ा गया झूठ

सत्यापन हुआ तो पकड़ा गया झूठ

कलक्ट्रेट कंट्रोल रूम पर ऐसी शिकायतें आई जिसमें कहा कि वे भूखे हैं और खाने-पीने का कुछ नहीं है। इनका भौतिक सत्यापन कराया तो तीस से ज्यादा शिकायतें झूठी पाई गई। बाद में इनको पाबंद किया गया। बाहरी राज्यों के 36 लोगों ने शिकायत दी तो उनके घर खाना पहुंचाया।

ऐसी-ऐसी मिली शिकायतें

ऐसी-ऐसी मिली शिकायतें

-कांवाखेड़ा क्षेत्र से एक महिला ने फोन किया वे बोली, मेरे पति ने शराब पी रखी है। घर में हंगामा कर बच्चों को पीट रहे हैं। जल्दी पुलिस को भेज दीजिए। इस पर कंट्रोल रूम में पुलिस को भेजा।

-तिलकनगर क्षेत्र से एक लड़की ने फोन किया। वे बोली, मेरा भाई शराब मांग रहा है। नहीं मिलने पर घर में झगड़ा कर रहा है। आप पुलिस को भेजकर इसे यहां से ले जाओ। बाद में पुलिस ने पाबंद कर शांत किया।

-आजादनगर से एक व्यक्ति ने फोन किया। बोले, हमारे क्षेत्र में राशन सामग्री तो आ रही है लेकिन साथ में नमकीन नहीं है। एेसे में अगली बार टेंपो में नमकीन भी भेजना।

-आरसी व्यास कॉलोनी क्षेत्र से एक महिला ने फोन किया। पहले सब्जी की मांग की। फिर बोली, इसमें शिमला मिर्च चाहिए। इस शिकायत पर तो खुद कलक्टर ने भी कहा, ऐसे समय यह वस्तुएं मांगना उचित नहीं है।

क्या कहते हैं भीलवाड़ा जिला कलेक्टर राजेंद्र भट्ट

क्या कहते हैं भीलवाड़ा जिला कलेक्टर राजेंद्र भट्ट

कलक्ट्रेट में 16 मार्च से कोरोना वायरस के चले कंट्रोल रूम बनाया गया। कर्फ्यू में अब तक 3500 से अधिक शिकायतें आ गई है। जो वास्तविक समस्या थी उसका समाधान कर लोगों की मदद की गई। लोगों ने राशन मांगा तो उपलब्ध कराया। कई लोगों ने कर्फ्यू के दौरान अनुचित मांग की जैसे किसी ने शिमला मिर्च-नमकीन मांगी तो उसे समझाया गया। पुलिस से संबंधित शिकायतें भी आई तो तुरंत जाब्ता भेजकर मदद करवाई गई। --राजेंद्र भट्ट, जिला कलक्टर

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English summary
bhilwara People's funny complaint in Lockdown control room
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