Barmer: कौन हैं निर्दलीय MLA प्रियंका चौधरी, जिनके लिए Kailash Choudhary ने पार्टी प्रत्याशी को ही हरवा दिया
Kailash Choudhary Barmer Lok Sabha Chunav 2024: राजनीति में जाति हावी है। जाति की वजह से कुछ भी हो सकता है। बाड़मेर से खबर है कि कैलाश चौधरी ने अपनी जाति की निर्दलीय उम्मीदवार प्रियंका चौधरी को विधानसभा चुनाव 2023 में जीत दिलवाने के लिए पार्टी प्रत्याशी को ही हरवा दिया।
बाड़मेर-जैसलमेर के मौजूदा सांसद व लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा उम्मीदवार कैलाश चौधरी की यह चौंकाने वाली बात उस वक्त सामने आई जब प्रियंका चौधरी ने उनको समर्थक दिया और फिर समर्थकों की बैठक को सम्बोधित करते हुए कैलाश चौधरी ने विधानसभा चुनाव वाली यह बात बताई।
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प्रियंका चौधरी को नहीं दिलवा पाए BJP की टिकट
राजस्थान पत्रिका में छपी खबर के अनुसार कैलाश चौधरी ने कहा कि बाड़मेर से निर्दलीय विधायक प्रियंका चौधरी को हमेशा अपनी बहन मानकर साथ दिया है। राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान उन्होंने प्रियंका चौधरी को टिकट दिलवाने की काफी कोशिश की, मगर टिकट नहीं दिलवा पाए।
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पीएम की सभा भी दूसरी जगह करवाई
कैलाश चौधरी ने कहा कि प्रियंका चौधरी को भाजपा की टिकट नही मिलने पर मेवाराम जैन को हराने के लिए प्रियंका के समर्थन में एक तरफा वोटिंग प्लान बनाया। उस वक्त पीएम नरेंद्र मोदी की बाड़मेर में सभा होनी थी, लेकिन इससे प्रियंका चौधरी के समर्थन में एक तरफा वोटिंग में दिक्कत नहीं हो, इसके लिए सभा को बायतु में करवाया।
यूं तो कैलाश चौधरी ने प्रियंका चौधरी के समर्थन में कांग्रेस प्रत्याशी मेवाराम चौधरी को हरवाने का प्लान बनाने की बात कही। फिर पीएम मोदी की सभा दूसरी जगह करवाने से यह भी साबित हो गया कि उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को भी हरवाने का काम किया।
भाजपा उम्मीदवार की जब्त हो गई थी जमानत
बता दें कि राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में प्रियंका चौधरी को 1 लाख 6 हजार 948 वोट मिले जबकि कांग्रेस के मेवाराम जैन 92 हजार 298 वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहे। वहीं, 5 हजार 258 वोट पाकर भाजपा उम्मीदवार दीपक कड़वासरा की जमानत ही जब्त हो गई थी।
बाड़मेर आम चुनाव 2024
दरअसल, राजस्थान के बाड़मेर-जैसलमेर संसदीय क्षेत्र में इस बार केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री व भाजपा उम्मीदवार कैलाश चौधरी, कांग्रेस उम्मीदवार उम्मेदाराम बेनीवाल व रविंद्र सिंह भाटी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है। रविंद्र भाटी एलान कर चुके हैं कि वे निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे।
बाड़मेर लोकसभा सीट का इतिहास
रविंद्र भाटी शिव से निर्दलीय विधायक हैं। उनके ताल ठोकने से कैलाश चौधरी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, मगर निर्दलीय विधायक प्रियंका चौधरी का समर्थन मिलने के बाद कैलाश चौधरी राहत की सांस ले सकते हैं। उधर, उम्मेदाराम बनेवाल को बायतु विधायक हरीश चौधरी का साथ मिला हुआ है।
बाड़मेर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में जैलसमेर, शिव, बाड़मेर, बायतु, पचपदरा, सिवाना, गुढ़ामालानी, चौहटन विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं।
बाड़मेर लोकसभा के सदस्य
कैलाश चौधरी साल 2019 में पहली बार भाजपा की टिकट पर सांसद बने थे। अब दूसरी बार मैदान में हैं। इनसे पहले बाड़मेर संसदीय क्षेत्र से सोनाराम, हरीश चौधरी, मानवेंद्र सिंह, रामनिवास मिर्धा आदि भी सांसद बन चुके हैं।












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