Rajasthan: कौन हैं कांग्रेस MLA Ashok Bairwa, जिनके खिलाफ पिता ने खोला मोर्चा, बोले-'बेटे को टिकट मत दो'
Ashok Bairwa सवाई माधोपुर जिले की खंडार सीट से कांग्रेस विधायक हैं। राजस्थान चुनाव 2023 में अशोक बैरवा को टिकट मिलने का उनके डालचंद बैरवा विरोध कर रहे हैं।
Ashok Bairwa Khandar MLA vs Father Dalchand Bairwa: राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 की तारीखों का ऐलान होने से पहले कांग्रेस विधायक अशोक बैरवा के खिलाफ उनके पिता ने मोर्चा खोल दिया है। पिता डालचंद बैरवा की मांग है कि इस बार चुनाव में उनके बेटे अशोक बैरवा को कांग्रेस का टिकट नहीं दिया जाए। टिकट दिया तो हार तय है।

दरअसल, राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में टिकट वितरण से पहले कांग्रेस पर्यवेक्षक चतरू सिंह बागड़ा बुधवार शाम को फीडबैक लेने आए थे। पर्यवेक्षक ने सवाई माधोपुर जिले के खंडार फोर्ट होटल में शाम चार बजे कांग्रेस जिलाध्यक्ष गिर्राज गुर्जर व ब्लॉक अध्यक्ष युवराज चौधरी की मौजूदगी में ब्लॉक स्तरीय बैठक रखी।
बैठक में खंडार से कांग्रेस विधायक अशोक बैरवा के पिता डालचंद बैरवा भी पहुंच गए और उन्होंने संभावित प्रत्याशियों का फीडबैक लेने आए पर्यवेक्षक को चेतावनी दे डाली कि उनके बेटे व वर्तमान विधायक अशोक बैरवा को खंडार से टिकट दिया गया तो कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ सकता है।
मीडिया की खबरों के अनुसार 80 वर्षीय डालचंद बैरवा ने कहा कि उनके विधायक बेटे की वजह से परिवार टूट गया। समाज और परिवार के लोग उनके साथ सही व्यवहार नहीं करते। बेटा अभद्र भाषा में बात करता है। इसलिए बेटे को टिकट नहीं दिया जाना चाहिए।
भास्कर की खबर के अनुसार ब्लॉक स्तरीय मीटिंग में पर्यवेक्षक ने अशोक बैरवा को राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में भी कांग्रेस प्रत्याशी बनाने की बात कही तो कई कार्यकर्ता नाराज हो गए और हर बार एक ही व्यक्ति को टिकट दिए जाने का विरोध जताया। फिर पर्यवेक्षक ने कार्यकर्ताओं से वन टू वन बात की।
वन टू वन बातचीत के दौरान विधायक अशोक बैरवा के पिता डालचंद बैरवा भी वहां पहुंच गए और अपने बेटे को टिकट मिलने का विरोध जताने लगे। कहा कि 'अगर बेटे को टिकट मिला तो खुलकर उसका विरोध करेंगे। बेटे के कारण परिवार टूट गया। मेरे दूसरे बेटे नहीं होते तो आज मुझे किसी वृद्धा आश्रम में रहना पड़ता।'
मीडिया से बातचीत में पर्यवेक्षक चतरू सिंह बागड़ा ने माना कि बुधवार को ब्लॉक स्तरीय बैठक में विधायक अशोक बैरवा के पिता डालचंद बैरवा ने उनको टिकट दिए जाने के प्रति नाराजगी जताई है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष गिर्राज गुर्जर ने इसे विधायक के परिवार का निजी मामला बताया।
विधायक अशोक बैरवा का जीवन परिचय
- अशोक बैरवा ने साल 1998 में लेखाकार पद से वीआरएस लेकर पहला चुनाव लड़ा था।
- अशोक बैरवा सवाई माधोपुर की खंडार सीट से कांग्रेस के टिकट पर तीन बार विधायक रहे।
- अशोक बैरवा साल 2008 से 2013 तक कैबिनेट मंत्री भी रहे।
- साल 2013 में भाजपा जितेंद्र गोठवाल से चुनाव हारे।
- विधानसभा चुनाव 2018 में फिर से चुनाव जीते।
- अशोक बैरवा खेरदा स्थित अंबेडकर नगर में रहते हैं।
- अशोक बैरवा की पत्नी का नाम आशा देवी है। इनके चार बच्चे हैं।












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