Rajasthan Letest News: राजस्थान का यह कौनसा है शहर, जहां एक रूपए में हो रहा सात जन्म के बंधन का अनूठा काम

One Rupees Marrige In Rajasthan: क्या आप सोच सकते है कि इस महंगाई के दौर में एक रूपए में शादी भी हो सकती है तो आप हंस पड़ेंगे। हो सकता है कि आप इसे मजाक में ले या फिर कोई बचकानी हरकत मान बैठे।

लेकिन जरा आप रूक जाइए, हमारी इस रिपोर्ट को पूरा ध्यान से पढ़िए, जी हां प्रदेश में एक शहर ऐसा है जहां मात्र 1 रूपए में शादी करवाई जाती है। वो भी एक दो नहीं अब तक करीब 110 जोड़ों का निकाह करवाया जा चुका है।

दरअसल राजस्थान की सूर्य नगरी जोधपुर में एक मुस्लिम संस्था परिवारों को जोड़ने के लिए अनूठी पहल कर सामाजिक सरोकार निभा रही है। पिछले 9 सालों से यह संस्था लगातार अपनी भागीदारी निभाकर कई परिवारों को जोड़ चुकी है।

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इस संस्था की अनूठी पहल और सामाजिक सरोकारों की सराहना भाजपा और कांग्रेस के मुख्यमंत्री,केंद्रीय मंत्री यहां तक की प्रशासनिक अधिकारी भी खुलकर करते है।

महंगाई के इस दौर में जहां शादी-विवाह के नाम पर लोग लाखों करोड़ों रुपये खर्च कर देते हैं। लेकिन राजस्थान के जोधपुर में एक ऐसा संस्थान जो विवाह के नाम पर फिजुल खर्च को रोकने के लिए गरीब परिवारों के लोगों का मात्र 1 रुपये में शादी करवायी जाती है।

जोधपुर में मुस्लिम समाज के लोगों के लिए यह अनूठी पहल चलाई जा रही है। जिसे 'मारवाड़ शेख सय्यद मुगल पठान विकास संस्थान' चला रही है।

इस संस्थान ने बीते 9 वर्षों में अब तक करीब 110 लोगों का निकाह करवाया है और उनका घर बसाया है। इस शादी का खर्च मुस्लिम समाज के 140 लोगों द्वारा अपने स्तर पर उठाया जाता है। जबकि शादी के लिए गरीब जरूरतमंद लोग केवल 1 रुपये का खर्च देते हैं।

संस्थान द्वारा हर साल करीब 15 से 20 जोड़ों का निकाह नवाचार के आधार पर कराया जाता है। आगामी 20 अक्टूबर 2024 को संस्थान अपना 10वां सामुहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित करेगी। इस आयोजन में करीब 15 से अधिक जोड़ों का निकाह कराया जाएगा।

संस्थान का यह भी उद्देश्य है कि जिस प्रकार से शादी के नाम पर 4 से 5 दिनों तक कई वैवाहिक आयोजन होते हैं। साथ ही दिखावटी की प्रतिस्पर्धा में लाखों रुपए की फिजूल खर्च किये जाते हैं। इससे निम्न मध्यम वर्ग परिवारों पर इसका काफी असर दिखता है।

ऐसे में महज 1 रुपये में गरीब और जरूरतमंद की शादी करवाना अनूठी पहल है। शादी करवाने के अलावा हर जोड़े को घरेलू जरूरत के समान और दुल्हन को आवश्यक श्रृंगार के समान भी तोहफे स्वरूप दिए जाते है। इनकी अनूठी पहल के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और वसुंधरा राजे भी प्रशंसा पत्र के जरिए उनकी कार्यों की सराहना कर चुकी है।

मुस्लिम समाज के हाजी हमीम बख्श ने बताया कि वर्ष 2002 में हमने इस पहल की शुरुआत की। जिसका मुख्य उद्देश्य समाज के गरीब जरूरतमंद परिवारों की सहायता करना रहा है।

समाज में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले वह लोग जो आर्थिक रूप से अपने बच्चों की शादी कराने में असमर्थ है तो ऐसे लोगों के लिए हमने इसकी शुरुआत की और मात्र 1 रुपये के नाम मात्र शुल्क में उनका निकाह भी करवाते हैं। उनके घर गृहस्थी के जरूरत के सामान भी उनको तोहफे स्वरूप देते है।

अब तक करीब 150 जोड़ों का निकाह करवा चुके है. 20 अक्टूबर को फिर एक बार गरीब जरूरतमंद परिवारों का 1 रूपये में निकाह करवाएंगे। इसके जरिए वह जनता में भी हम यह संदेश देना चाहते हैं कि विवाह के नाम पर फिजूल खर्च को रोकें।

हमारे इस प्रयास से निकाह करवाने वाले वर और वधू के 100-100 पारिवारिक सदस्यों को भोजन की व्यवस्था भी दी जाती है। जहां करीब 10 से 15 हजार लोगों का खाना इस सामूहिक विवाह में किया जाता है और निकाह करने वाले दूल्हा-दुल्हन को जरूरी घरेलू सामान भी हमारे द्वारा दिए जाते हैं।

कई बार ऐसा देखा जाता है कि परिवार की आर्थिक स्थितियां संपन्न नहीं होती। उनके घर परिवार में बच्चियों शादी की उम्र भी निकल जाती है। ऐसे लोगों को हम प्राथमिकता के साथ निकाह मात्र 1 रुपए में करवाते हैं।

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