राजस्थान: खत्म नहीं हो रहा अंधविश्वास, पंचों ने 80 साल की वृद्धा को डायन बता समाज से किया बहिष्कृत
अजमेर। कहने को लोग 21वीं सदी में जी रहे हैं, लेकिन कुछ स्थानों पर देश में आज भी अंधविश्वास इस कदर समाज में हावी है कि वे इंसानियत का जरा भी ख्याल नहीं करते। पंच-पटेलों की दबंगई ने राजस्थान में भीलवाड़ा के दुल्हेपुरा में करीब 80 साल की वृद्धा को समाज से निकाला दे डाला। वृद्धा को डायन बताया और लोगों को भी उससे दूर रहने की हिदायत दी गई। वहां से ठोकरें खाती वृद्धा जैसे-तैसे पुलिस के पास पहुंची। पुलिस ने न्याय दिलाने की बात कहते हुए मामले की जांच शुरु कर दी है।

भीड़ के सामने किया गया बेइज्जत
पुलिस के मुताबिक, जिला पुलिस कप्तान डॉ रामेश्वर सिंह की अगुवाई में सिपाही उक्त घटनास्थल के लिए निकले हैं, जहां परिवादिया दुल्हेपुरा निवासी मानी देवी कुमावत ने परिवाद के जरिए आरोप लगाए हैं। मानी देवी का कहना है कि कुमावत समाज के पंच हीरालाल, लक्ष्मण, शंकर सहित अन्य पंचों ने गांव में मौसर के दौरान उसे खाना खाते हुए उठा दिया। पंचों ने उसे भरी भीड़ के सामने उसे डायन करार दिया और समाज से बहिष्कृत करने का फरमान भी सुनाया। इसके बाद से सका गांव व समाज में जीना दुष्वार हो गया है।
जमीनी विवाद बनी वजह
थानाधिकारी महावीर सिंह ने कहा कि जांच एएसआई शंकर सिंह को सौंपी गई है। प्रथमदृश्यता सामने आया है कि पीड़िता ने जमीनी विवाद के चलते शिकायत की। अभी पीड़िता द्वारा बताई गई किसी भी बात की पुष्टि नहीं हो सकी है। डायन बताने को लेकर कही गई बातों की जांच की जा रही है।












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