राजस्थान: सोमलपुर गांव में एक महीने में 44 मौतें, ज्यादातर में थे कोरोना के लक्षण
जयपुर, 20 मई: कोरोना के दूसरी लहर आने के बाद बीते करीब दो महीने में लगातार ये देखा जा रहा है कि मौतें काफी ज्यादा हो रही हैं। करीब-करीब हर गांव में लोगों का ये कहना है कि मौतें सामान्य से काफी बढ़ गई हैं। राजस्थान के अजमेर जिले के एक गांव में बीते एक महीने में 44 मौतें हुई हैं। गांव में कोरोना के टेस्ट बहुत कम हैं लेकिन गांववासियों का कहना है कि ज्यादातर मौतें कोरोना जैसे लक्षणों से ही हो रही हैं।

टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार अजमेर जिले का सोमालपुर गांव में बीते 40 दिनों से मौतें काफी बढ़ गई हैं, गांव में सामान्य से दोगुनी से भी ज्यादा मौतें हो रही हैं। 16 अप्रैल से अब तक गांव में कम से कम 44 मौतें हो चुकी है। 16 अप्रैल के बाद से गांव में हर दिन कोई ना कोई मौत हुई है ज्यादातर मौतें ऐसी हुई है, जिनमें कोविड जैसे लक्षण यानी सर्दी, खांसी , गला दुखना और बुखार जैसे लक्षण थे।
गांव के सरपंच चोगा नाथ ने कहा है कि अस्पतालों में बीमारी के कारण मरने वाले 7-8 लोगों के अलावा बाकी सभी में सर्दी, खांसी, बुखार जैसी बीमारियों से ही मरे हैं। वहीं पूर्व सरपंच इकराम खान कहते हैं कि आंकडों को लेकर मौजूदा सरपंच झूठ बोल रहे हैं। बीते एक महीने में 60 से ज्यादा मौतें हुई हैं। वहीं अब भी 10-15 लोग अस्पताल में हैं। ज्यादातर परिवारों के सदस्यों में इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण हैं, प्रशासन ना गांव पर ध्यान दे रहा है और ना ही टेस्ट करा रहा है।
सोमलपुर में स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ हुकुम सिंह ने गांव से जो रिपोर्ट तैयार कर स्थानीय प्रशासन को दी है, उसमें 44 मौतों की पुष्टि की गई है, जिनमें सात मौतें कोरोना से होने की बा कही गई है। वहीं अन्य को पहले से कोई ना कोई बीमारी होना बताया गया है।












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