नवा रायपुर किसान आंदोलन:इंतजार करते रहे मंत्री ,किसान नहीं पहुंचे वार्ता मे !

रायपुर, 20 जनवरी। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नवा रायपुर में चल रहे किसानों के आंदोलन को लेकर राज्य सरकार की तरफ बुलाई गई वार्ता बैठक मे आंदोलनकारी किसानों का कोई भी व्यक्ति हिस्सा लेने नही गया। सरकार की वार्ता की पेशकश को ठुकराने वाले किसानों के आंदोलन का भविष्य क्या होगा, इस बात को लेकर संदेह दे बढ़ता जा रहा है। भूपेश सरकार के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर की अध्यक्षता में गुरुवार को राजधानी के शंकर नगर स्थित उनके बंगले में नया रायपुर अटल नगर मे आंदोलनरत किसानों के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई । बैठक में मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, अभनपुर विधायक धनेन्द्र साहू, अपर मुख्य सचिव सुबत साहू समेत एनआरडीए के अधिकारी उपस्थित थे,लेकिन किसान नदारत थे।

किसानों से वक़्त लेकर तय की जाएगी अगली बैठक की तारीख

किसानों से वक़्त लेकर तय की जाएगी अगली बैठक की तारीख

बैठक के बाद मंत्री अकबर ने बताया कि नई राजधानी प्रभावित किसान कल्याण समिति का कोई भी पदाधिकारी बैठक मे उपस्थित नहीं था। इसलिए किसानों से वक़्त लेकर अगली बैठक की तारीख तय की जाएगी। मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने बताया कि बैठक में किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष रूपन चन्द्राकर और कार्यकारी अध्यक्ष समिति की सहमति मिली थी,लेकिन किसान कल्याण समिति ने लेकिन किसान कल्याण समिति के पदाधिकारी उपस्थित नहीं हुए। गौरतलब है कि वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने हाल ही मे छेरछेरा त्यौहार के दिन छेरछेरा मांगने आये नवा रायपुर के किसानों से मुलाकात की थी और उनकी मांगों का सही समाधान किए जाने का भरोसा दिलाया था।

क्या है किसानो की मांग ?

क्या है किसानो की मांग ?

गौरतलब है की दिल्ली में हुए किसान आंदोलन की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर अटल नगर में भी 42 गांव के किसानों ने आंदोलन छेड़ दिया है। करीब 5000 किसान छत्तीसगढ़ सरकार से नया रायपुर के निर्माण के लिए किसानों से ली गई जमीन का बचे हुए मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले भी हो चुका है बड़ा आंदोलन

2018 के विधानसभा चुनाव से पहले भी हो चुका है बड़ा आंदोलन

राज्य गठन के बाद 27 गांव की जमीन लेकर नवा रायपुर (नया रायपुर) इलाका विकसित किया गया था। किसान चाहते हैं कि किसानों को जमीन पर चार गुना मुआवजा दिया जाए, हर प्रभावित परिवार को 1200 वर्ग फीट की विकसित जमीन देने के साथ किसान परिवारों के एक बेरोजगार वयस्क को रोजगार दिया जाए। इन्हीं मांगों को लेकर 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले भी एक बड़ा आंदोलन किया जा चुका है, जिसका समर्थन कांग्रेस ने किया था।अब किसान यह वादा याद दिला रहे हैं।

आंदोलन का भविष्य क्या होगा? गरमाने लगा संदेह !

आंदोलन का भविष्य क्या होगा? गरमाने लगा संदेह !

बहरहाल नया रायपुर के किसानों की ओर से चल रहे आंदोलन का भविष्य क्या होगा। अब इस बात को लेकर संदेह गरमाने लगा है । क्योंकि सरकार की ओर से बुलाई गई वार्ता में शामिल ना हो पाने के बाद शायद सरकार भी अब अपना कड़ा रुख दिखा सकती है।

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