CM भूपेश से हुई किसानों की मुलाकात, नहीं निकला हल, नवा रायपुर किसान आंदोलन अब भी जारी
CM भूपेश से हुई किसानों की मुलाकात, नहीं निकला हल, नवा रायपुर किसान आंदोलन अब भी जारी
रायपुर,04 फरवरी। छत्तीसगढ़ की नई राजधानी यानि नवा रायपुर में चल रहे किसान आंदोलन थमने के आसर नजर नहीं आ रहे हैं । कल ही कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के दौरे के बीच पुलिस की सख्ती के बावजूद किसानों ने पैदल मार्च किया था। हालांकि किसानों ने राहुल गांधी के वापस दिल्ली लौट जाने के बाद देर शाम किसानों से मुलाकात की है,लेकिन बातचीत का कोई हल नहीं निकला है।

मिली जानकारी के मुताबिक राहुल गांधी से मिलने की मांग करने वाले वाले किसान समिति के सदस्य बाद में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात करने एयरपोर्ट गए थे, राहुल गांधी के जाने के बाद सीएम भूपेश बघेल ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल से एयरपोर्ट के लाउंज में ही वार्ता करते हुए उनकी मांगो के समाधान का आश्वासन दिया है। किसान नेता वैगन्द्र सोनबेर ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से किसानों की मांगों का परीक्षण कराने की बात कही है। सीएम की बातों से किसान संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं।
नई राजधानी किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष रूपन चंद्राकर ने कहा कि जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस विपक्ष की भूमिका में थी, तब नवा रायपुर के किसानों की मांग को लेकर राहुल गांधी को आंदोलन में लाने तैयार थी ,लेकिन अब राहुल गांधी से मुलाकात नहीं करा सकी। कल गुरुवार को रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में राहुल गांधी छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाओ के उद्घाटन करने के लिए पहुंचे हुए थे।किसानो ने भी इस दौरान पुलिस की घेराबंदी के बावजूद हजारों की तादाद में एयरपोर्ट की तरफ पैदल मार्च शुरू कर दिया था। इस दौरान पुलिस ने किसानो पर बल प्रयोग भी करना पड़ा था।
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पहले ही दी थे चेतावनी
गौरतलब है कि नई राजधानी प्रभावित किसान कल्याण समिति की तरफ से पूर्व में जारी बयान में बताया गया था कि शासन को समिति की तरफ से पत्र भेजा गया है, सरकार अगर किसानों के प्रतिनिधि मंडल की राहुल गांधी से मुलाकात नहीं करवाती है, तो इससे राज्य सरकार की नीति, नीयत, न्याय की मंशा स्पष्ट हो जाएगी कि वह नवा रायपुर प्रभावितों के "हित" में है या "अहित" में है। किसान नेताओं ने कहा था कि राहुल गांधी के दौरे के समय नवा रायपुर में सभी प्रभावित गावों के किसान परिवार अपने - अपने घरों से निकल कर नवा रायपुर के रोड में बैठ जायेंगे और आंदोलन जारी रखेंगे।
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क्या है किसानो की मांग?
गौरतलब है की दिल्ली में हुए किसान आंदोलन की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर अटल नगर में भी 27 गांव के किसानों ने आंदोलन छेड़ रखा है। करीब 5000 किसान छत्तीसगढ़ सरकार से नया रायपुर के निर्माण के लिए किसानों से ली गई जमीन का बचे हुए मुआवजे की मांग कर रहे हैं। राज्य गठन के बाद 27 गांव की जमीन लेकर नवा रायपुर (नया रायपुर) इलाका विकसित किया गया था। किसान चाहते हैं कि किसानों को जमीन पर चार गुना मुआवजा दिया जाए, हर प्रभावित परिवार को 1200 वर्ग फीट की विकसित जमीन देने के साथ किसान परिवारों के एक बेरोजगार वयस्क को रोजगार दिया जाए। इन्हीं मांगों को लेकर 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले भी एक बड़ा आंदोलन किया जा चुका था, जिसका समर्थन कांग्रेस ने किया था। अब किसान यह वादा सरकार को याद दिला रहे हैं।












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