छत्तीसगढ़ में बजट की पहचान बन गया है गोबर का ब्रीफकेस,रायपुर के मेयर ने भी किया सीएम भूपेश का अनुसरण
रायपुर, 15 मार्च। छत्तीसगढ़ के गोबर सा बना ब्रीफकेस बजट की पहचान बन गया है। हाल ही में 9 मार्च को राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में गोबर से ब्रीफकेस में बजट पेश किया था। सूबे के मुखिया का अनुसरण करते हुए रायपुर शहर के मेयर एजाज ढेबर ने भी मंगलवार को नगर निगम का बजट पेश करने के लिए गोबर से ब्रीफकेस का इस्तेमाल किया।

1474 करोड़ 24 लाख रूपये का बजट पेश
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को स्मार्ट सिटी और स्वच्छता में नंबर वन शहर बनाने के संकल्प के साथ कांग्रेस नेता और रायपुर नगर निगम के महापौर एजाज़ ढेबर ने 1474 करोड़ 24 लाख रूपये का बजट पेश किया। बजट में शहर के विकास ,स्वास्थ्य सुविधाओं और निर्माण कार्यो से जुड़े कई प्रावधान किये गए। लेकिन इस बजट के दौरान सबसे अधिक रोचक प्रसंग यह जुड़ गया है कि ढेबर ने भी सीएम भूपेश बघेल की तरह ही बजट पेश करने के गोबर से बना ब्रीफकेस इस्तेमाल किया।

गोबर से बना ब्रीफकेस बना बजट की पहचान
इस बात की चर्चा लाजमी है कि छत्तीसगढ़ में राज्य से लेकर नगर निगम तक के बजट को पेश करने के लिए गोबर से बना ब्रीफकेस क्यों इस्तेमाल किया जा रहा है? तो इसका जवाब भी जान लीजिये। दरअसल छत्तीसगढ़ की सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी ने 2018 के विधानसभा चुनाव जीतने से पहले ही अपनी चुनाव अभियान समिति की बैठक में यह तय कर लिया था कि वह गांव,गरीब और किसान के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी और सरकार बनने के बाद पारम्परिक साधनो से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने की दिशा में काम कर करेगी।

गोबर से बना ब्रीफकेस ही क्यों?
गोबर से बने ब्रीफकेस से बजट पेश करने का कारण भी बड़ा रोचक है। दरअसल भारतीय संस्कृति में यह मान्यता है कि गोबर मां लक्ष्मी का प्रतीक होता है। छत्तीसगढ़ के स्थानीय त्यौहारों में घरों को गोबर से लीपने की परंपरा है। परम्पराओं से प्रेरणा लेते हुए स्व सहायता समूद की महिलाओं की तरफ से गोमय ब्रीफकेस का निर्माण किया गया है। बताया गया जा रहा है की इसके पीछे की मंशा यह है कि इस ब्रीफकेस से हर घर में बजट रूपी लक्ष्मी का प्रवेश करें। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ का हर नागरिक आर्थिक रूप से मजबूत हो सके।

गौधन न्याय योजना ने बनाया गोबर को पॉपुलर
छत्तीसगढ़ में सरकार बनाने के बाद भूपेश बघेल सरकार ने किसानो की कर्ज माफ़ी और धान पर बोनस देने की योजना शुरू करने के बाद राज्य में गौधन न्याय योजना की शुरुवात की। इस योजना के माध्यम से सरकार गौवंश पालको से 2 रूपये प्रति किलो की दर से गोबर खरीदना शुरू किया। सरकार इस गोबर से जैविक खाद समेत कई अन्य उत्पाद बनाकर बाजार को उपलब्ध कराती है। भूपेश बघेल सरकार का कहना है कि प्रदेश के हर जिले में आवारा मवेशियों को गौठान बनाकर उन्हें सुरक्षित करने के साथ इन्ही गौठानों को रूरल इडस्ट्रियल पार्क के तौर पर विकसित करके ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सबल बनाया जा रहा है।

इसलिए ढेबर को भी भा गया गोबर से बना ब्रीफकेस
भूपेश बघेल सरकार अपनी नरवा,गरवा, घुरवा,बारी योजना और गौधन न्याय योजना के माध्यम से प्रदेश की ग्रामीण और शहरी जनता को विकास के विभिन्न आयामों में जोड़ने का दावा करती है। रायपुर नगर निगम में इस समय कांग्रेस की सत्ता है। रायपुर शहर के महापौर एजाज़ ढेबर कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हैं और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेहद की करीबी नेताओं में से एक माने जाते हैं। यही वजह है कि नगर निगम की योजनाओं में राज्य सरकार की योजनाओं की झलक देखने मिलती हैं। इसलिए एजाज ढेबर ने भी गोबर से बना बैग या कहें तो ब्रीफकेस लेकर ही नगर निगम का बजट पेश किया है।
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