'रिश्तेदार' का टिकट नहीं हुआ कन्फर्म, तो चीफ जस्टिस ने रेलवे को भेज दी नोटिस

रायपुर। रेलवे में टिकटों की मारामारी कोई नई खबर नहीं है। वेटिंग टिकट का कंफर्म न होना भी कोई खबर नहीं है, लेकिन अगर वेटिंग टिकट कंफर्म नहीं होने पर रेलवे को नोटिस थमा दी जाए तो खबर बनती है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने अपने संबंधी का टिकट कंफर्म नहीं होने पर रेलवे को नोटिस थमा दी है।

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चीफ जस्टिस नवीन सिन्हा रायपुर में छत्‍तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर शपथ लेने वाले थे। इस मौके पर उनके एक रिश्‍तेदार को रायपुर आना था, कंफर्म टिकट नहीं मिला तो उन्होंने वेटिंग टिकट ले ली। जिसके बाद उस टिकट को वीआईपी कोटे के तहत कन्‍फर्म कराने के लिए हाईकोर्ट की ओर से रेलवे को अप्‍लीकेशन भेजी गई। यहां तक को सब ठीक था, लेकिन मामला तब फंसा जब वो टिकट कंफर्म नहीं हो पाई।

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टिकट कंफर्म नहीं हो पाने के बाद चीप जस्टिस ने फौरन रेलवे को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। इस नोटिस को स्पेशल रेलवे मजिस्ट्रेट विक्रम प्रताप चंद्रा ने साउथ ईस्‍ट सेंट्रल रेलवे के सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर को नोटिस भेजकर पूछा है कि आखिर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रिश्‍तेदार की टिकट क्‍यों कन्‍फर्म नहीं हुई?

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इस नोटिस के जवाब में कमर्शियल मैनेजर ने कहा कि चीफ जस्टिस के साथ नहीं होने पर रिश्तेदारों को वीआईपी कोटे का प्रोटोकॉल देने से संबंधित कोई नियम नहीं है। मामला तूल पकड़ने लगा है। रेलवे मजिस्ट्रेट ने उस दिन के सभी यात्रियों की लिस्ट मांगी है जिनके टिकट वीआईपी कोटा के तहत कंफर्म किए गए थे।

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