राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के साथ हुआ छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का आगाज़
Chhattisgarh Rajyotsav begins with National Tribal Dance Festival
National Tribal Dance Festival छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मंगलवार को तीन दिवसीय राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव और राज्योत्सव का रंगा-रंग आगाज हो गया। राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में इसका सुबह 11 बजे उद्घाटन किया ।

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आदिवासी नृत्य महोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मनुष्य का इतिहास जितना पुराना है उतना ही पुराना नृत्य का इतिहास है। दुनियाभर के आदिवासियों की नृत्य शैली, वाद्ययंत्र में समानता है।
उन्होंने कहा कि आदिम नृत्य की यह परंपरा एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक आई है, इस तरह से हम आज यहां पहुंचे हैं।
समय के बदलाव के साथ जीवन के तौर तरीके में बदलाव आया है। बघेल ने आगे कहा कि इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य आदिवासियों की परंपरा को बचाए रखने और पूरी दुनिया की आदिम संस्कृति आगे बढ़ाने और उनका संवर्धन करने से है।
प्रकृति पर पूरी मनुष्यता का एक जैसा अधिकार हो, सभी प्रकृति का संरक्षण करें।सीएम भूपेश ने कहा कि विकास की गलत अवधारणा के कारण आज प्रकृति ही खतरे में पड़ गयी है। छत्तीसगढ़ आदिवासियों और किसानों का प्रदेश है। राज्य के आंदोलन में जिन मूल्यों को लेकर आंदोलन हुआ, हमारी सरकार उस सोच को लेकर आगे बढ़ रही है। छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि राज्य स्थापना दिवस के दिन राज्य में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का तीसरी बार आयोजन हो रहा है। प्रतिवर्ष इसमें प्रतिभागी के तौर पर शामिल होने वाले राज्य और देशों की संख्या बढ़ रही है। आदिम संस्कृति प्रकृति के साथ, प्रकृति की रक्षा करते हुए अपनी ज़रूरतों को पूरा करती है। आदिम संस्कृति के जीवनशैली से प्रेरणा लेकर हम आगे बढ़ेंगे तो पर्यावरण की रक्षा कर पाएंगे । दुनियाभर के आदिम संस्कृति में एकरूपता दिखती है। यह वसुधैव कुटुंबकम् की भावना को दर्शाता है।
गौरतलब है कि आने वाले तीन दिनों तक राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के मंच पर देश-विदेश की विविधतापूर्ण आदिवासी संस्कृति के इन्द्रधनुषीय रंग बिखरेंगे। छत्तीसगढ़ सरकार के इस अनूठे आयोजन का यह तीसरा मौका है। साल दर साल इस आयोजन की लोकप्रियता देश-विदेश में बढ़ती जा रही है। इस आयोजन के दौरान आने वाले दर्शकों के लिए अनेक आकर्षण होंगे। जनजातियों की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और लोककलाओं के साथ छत्तीसगढ़ के पौने चार वर्ष की विकास यात्रा की झलक लोगों को देखने को मिलेगी।
10 देशों के जनजातीय कलाकार रायपुर पहुंचे
राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में देश-विदेश के नर्तक दल अपनी प्रस्तुति दे रहे हैं । 10 देशों में से टोगो, मोजांबिक, सर्बिया, इंडोनेशिया, मालदीव, मंगोलिया, न्यूजीलैण्ड, रशिया, रवांडा और इजिप्ट के नर्तक दल राजधानी रायपुर पहुंच चुके हैं। इस नृत्य महोत्सव में विदेशों के 100 कलाकारों सहित देश के विभिन्न राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के 1500 जनजातीय कलाकार शामिल हों रहे हैं ।
साईंस कॉलेज मैदान के सेंट्रल एरिया में जनजातीय लोककला और शिल्प पर केन्द्रित शिल्पग्राम बनाया गया है। शिल्पग्राम में 40 स्टॉल लगाए जाएंगे। जहां प्रदेश के प्रसिद्ध शिल्पकारों, कलाकारों, बुनकरों, स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित कलाकृतियों का अनूठा संग्रह देखने को मिलेगा। इनमें घरेलू उपयोग के सामान, कलात्मक सजावटी वस्तुएं, बेलमेटल, लौहशिल्प, काष्ठकला, बांसकला, माटी शिल्प से निर्मित कलाकृतियों प्रदर्शन और विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगी।
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