मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के कारण 11 सरपंचों ने दी आत्महत्या करने की धमकी
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी स्वच्छ भारत मिशन के चलते कई ग्राम प्रधान अब आत्महत्या करने की धमकी दे रहे हैं।

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार तय समय में शौचालय बनवाने के दबाव में कई ग्राम प्रधान कर्ज के जाल में फंस गए हैं।
राज्य के कंकेर जिले स्थित बस्तर क्षेत्र के 11 सरपंचो ने धमकी दी है कि यदि 1 माह के भीतर स्वच्छ भारत अभियान के तहत कराए गए निर्माण कार्यों का भुगतान नहीं किया गया तो वे आत्महत्या कर लेंगे।
भुगतान का दिया था आश्वासन
सरकारी अधिकारियों की ओर से शौचालय बनाने के टार्गेट को पूरा करने के लिए सरपंचों ने निर्माण सामग्री, नकदी और मजदूरों का इंतजाम इस वादे पर किया कि वो जिला प्रशासन से राशि पारित होने पर सबका भुगतान कर देंगे।
बताया जा रहा है कि जब सरपंचो के गांव में जब शौचालय बन गए और उनके गावों को खुले में शौच से मुक्त गांव घोषित कर दिया गया तो उनके लिए अपने घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया।
अखबार के मुताबिक सरपच महर सिंह उसेंदी ने बताया कि उनके गांव को खुले में शौच से मुक्त ग्राम 7 अप्रैल को घोषित किया गया और 299 शौचालय बनवाए गए।
उसेंदी ने बताया कि मुझे जिले से इस बात की जानकारी मिली थी कि हर घर में शौचालय होना जरूरी है। मुझे यह भी कहा गया कि मैं अभी इंतजाम कर लूं, भुगतान बाद में होगा।
कर्ज में डूब चुका हूं
उन्होंने कहा कि ऐसा आश्वासन मिले के बाद मैंने काम कराया और अभी बीते एक साल में मैं 23 लाख रुपए के कर्ज में डूब चुका हूं।
मैं मजदूरों,सप्लायर्स और पैसे उधार देने वालों से परेशान हो चुका हूं। इस ब्लॉक के हर सरपंच का यही हाल है। क्या हमारे पास आत्महत्या करने के अलावा कोई और रास्ता है?
इस मामले पर जिलाधिकारी शमी अबीदी ने अखबार को बताया कि किसी भी सरपंच ने मुझसे सीधी बात नहीं की लेकिन मैने जिला पंचायत सीईओ से इस मामले में बात की है और उन्होंने इस बात की पुष्टि की है कि 1 करोड़ रुपए निर्गत कर दिए गए हैं।












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