'भलाई का जमाना नहीं...', पुलिस ने निर्दोष को लूट केस में भेज दिया जेल, दोबारा जांच की गई तो सामने आई सच्चाई
Raebareli UP Police news: उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा कुछ ऐसे कारनामे किए जा रहे हैं जिससे पुलिस की बदनामी हो रही है। हाल ही में सुल्तानपुर में मंगेश यादव एनकाउंटर मामले को लेकर सोशल मीडिया पर बहस हो रही है।
इस बीच उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में पुलिस द्वारा ऐसा कारनामा किया गया जिसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। रायबरेली जिले में पुलिस ने एक निर्दोष युवक पर लूट का आरोप लगाकर उसे जेल भेज दिया।

युवक 12 दिन तक जेल में रहा। हालांकि जब मामले की दोबारा जांच की गई तो युवक निर्दोष पाया गया। इसके बाद उसे जेल से रिहा कर दिया गया। जेल से बाहर आने के बाद उसने मीडिया के सामने पूरी सच्चाई बयां की। ऐसे में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
रास्ते में मिला था रुपए से भरा बैग
दरअसल, यह पूरा मामला रायबरेली जनपद के गदागंज क्षेत्र का है। गदागंज बाजार में जन सेवा केंद्र चलाने वाले रविशंकर नामक एक शख्स के साथ बीते 20 अगस्त को 7 लाख रुपये की लूट हुई थी।
बताया जा रहा है की घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश रुपए से भरा बैग सड़क पर ही फेंक कर भाग गए थे। इस समय जमुनीपुर चारुहर का रहने वाला दीपू उर्फ गौरव नमक एक युवक वहां से गुजर रहा था।
बैग में रुपए देखने के बाद दीपू द्वारा ग्राम प्रधान को इसकी सूचना दी गई। सूचना देने के बाद दीपू द्वारा वह रुपए थाने में जाकर पुलिस को सौंप दिया गया। इस मामले में पुलिस ने रुपए सौंपने के बाद दीपू को ही गिरफ्तार कर लिया।
दीपू का आरोप है कि पुलिस उसे अगले दिन जंगल लेकर गई और उसके हाथ में बाग देकर उसका वीडियो बनाया गया। वीडियो बनाने के बाद पुलिस ने उसे आरोपी बनाते हुए 26 अगस्त को कोर्ट में पेश की, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
इस मामले के बाद दीपू के घर वाले काफी परेशान हो गए। उसके बाद पूरे मामले की जानकारी होने पर स्थानीय व्यापारी और दीपू के परिजनों ने 29 अगस्त को थाने का घेराव किया। घेराव करने के साथ ही थाना प्रभारी और अन्य लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
दोबारा जांच में पाया गया निर्दोष
इस मामले में दीपू के परिजन और व्यापारियों द्वारा फिर से जांच कराए जाने की मांग की गई। एसएसपी द्वारा दोबारा जांच के निर्देश दिए गए। मामले की दोबारा जांच हुई तो दीपू निर्दोष साबित हुआ। ऐसे में शनिवार को उसे जेल से जमानत पर रिहा किया गया।
फिलहाल रायबरेली पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई लोगों में चर्चा का विषय बनी हुई है। वहीं मामले में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी द्वारा इस मामले में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा किया गया है। उन्होंने सोशल साइट एक्स पर मैसेज भी शेयर किया है।












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