कौन हैं अशोक कुमार मित्तल ? LPU के चांसलर, जिन्हें पंजाब से AAP ने बनाया है राज्यसभा उम्मीदवार
जालंधर, 21 मार्च: आम आदमी पार्टी ने पंजाब से राज्यसभा की पांच सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम तय कर दिए हैं। इनमें से एक नाम है जालंधर स्थित प्राइवेट यूनिवर्सिटी लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के फाउंडर चांसलर अशोक कुमार मित्तल की। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने उनको नामित करते हुए उन्हें एक जाना-माना शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर पेश किया है। आम आदमी पार्टी के 117 सदस्यों वाली पंजाब विधानसभा में कुल 92 विधायक हैं। इसलिए इसमें कोई सवाल नहीं कि आम आदमी पार्टी से नामित होने का मतलब है कि मित्तल की राज्यसभा सदस्यता पक्की हो चुकी है। आइए जानते हैं उनके बारे में।

कौन हैं अशोक कुमार मित्तल ?
आम आदमी पार्टी ने पंजाब से राज्यसभा के लिए जिन पांच उम्मीदवारों को नामित किया है, उनमें जालंधर के मशहूर लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के चांसलर अशोक कुमार मित्तल का नाम भी शामिल है। अशोक कुमार मित्तल लवली ग्रुप के फाउंडर चेयरमैन दिवंगत बलदेव राज मित्तल के बेटे हैं। खुद अशोक मित्तल पंजाब की गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी से लॉ ग्रेजुएट हैं। भारत में लवली ग्रुप की शुरुआत एक छोटी सी मिठाई की दुकान से हुई थी। लेकिन लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी की स्थापना खुद अशोक कुमार मित्तल ने की है, जिन्हें आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा का उम्मीदवार बनाते हुए प्रख्यात शिक्षाविद और सोशल ऐक्टिविस्ट बताया है। (पहली और आखिरी तस्वीर सौजन्य- एलपीयू वेबसाइट)

मिठाई के कारोबार से बनाया शिक्षा का साम्राज्य
लवली यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर मित्तल ने कहा है कि इसका लक्ष्य, ' इसके माध्यम से 'शिक्षा में परिवर्तन करके भारत में बदलाव लाना है,' हम प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली के वैभव को पुनर्जीवित करना चाहते हैं।' इस यूनिवर्सिटी का लक्ष्य साल 2025 तक दुनिया के टॉप 200 विश्वविद्यालयों में शामिल होना है। जानकारी के मुताबिक अशोक मित्तल की खुद की शिक्षा जालंधर के एक साधारण सी सरकारी स्कूल में हुई थी। वह बचपन से काफी प्रतिभाशाली छात्र थे। शुरू में उन्होंने अपने पिता के मिठाई के बिजनेस भी हाथ बंटाया था। जालंधर में लवली स्वीट्स का लड्डू बहुत मशहूर हुआ करता था। उनके पिता 1947 में भारत विभाजन के बाद सियालकोट से जालंधर आकर बस गए थे।

मिठाई के बाद ऑटो कारोबार से जुड़ा परिवार
1990 की दशक में मित्तल परिवार बहुत बशक्कत के बाद बजाज स्कूटर की डीलरशिप से जुड़ा। कुछ ही साल बाद यानि 1996 में अशोक मित्तल को मारुति कार की डीलरशिप मिल गई। इसके बाद लवली ग्रुप ने कारोबार में लगातार तरक्की की और जानकारी के मुताबिक आज की तारीख में इसका सैकड़ों करोड़ (लॉकडाउन से पहले 800 करोड़ रुपये से ज्यादा का बताया जाता था) का बिजनेस हो चुका है।

एलपीयू ने कम समय में हासिल की बड़ी कामयाबी
ग्रुप को मिली सफलता ने अशोक मित्तल को कई नए प्रोजेक्ट की ओर सोचने को प्रेरित किया। कहते हैं कि इसमें समाज की बेहतरी का भी इरादा था और अशोक कुमार मित्तल की ओर से लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी की स्थापना इसका एक बहुत बड़ा कारण रहा। एक इंटरव्यू में मित्तल ने इसके बारे में बताया था कि वह उच्च शिक्षा के क्षेत्र में काम करना चाहते थे, जिसकी बदौलत स्टूडेंट देश के बाहर भी एक मुकाम हासिल कर सकें। लवली ग्रुप ने साल 2001 में शिक्षा संस्थान ओपन किया और उसे पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी से संबद्ध करवाया। इस संस्थान को शुरुआत में ही बहुत अच्छा रेस्पॉन्स मिला। 2005 में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी को पंजाब के पहले निजी विश्वविद्यालय का दर्जा मिला। इस यूनिवर्सिटी ने बहुत ही कम समय में काफी तरक्की की। (ऊपर की तीन तस्वीरें सौजन्य: यू ट्यूब वीडियो)

रश्मि मित्तल एलपीयू की प्रो-चांसलर हैं
कॉलेजदुनिया फेसबुक पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक अशोक कुमार मित्तल 'पंजाब गौरव' अवार्ड से भी नवाजे जा चुके हैं। उन्हें 'एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर 2013' भी दिया जा चुका है और पंजाब के शिक्षा मंत्री ने उसी साल 'शिक्षा रत्न' की उपाधि भी दी थी। इनकी पत्नी रश्मि मित्तल एलपीयू की प्रो-चांसलर हैं।












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