पंजाब: 13 अक्टूबर तक हो सकती है बिजली की समस्या, जानिए क्या है बिजली संकट की वजह ?
कोयले की कमी की वजह से बिजली उत्पादन में कमी आई है और बिजली में कटौती की जा रही है। यह सिलसिला 13 अक्तूबर तक चलेगा, 3 घंटे तक बिजली की कटौती की जाएगी।
चंडीगढ़, अक्टूबर 11, 2021। पंजाब के थर्मल प्लांटों में कोयले की भारी कमी से बिजली स्पलाई की स्थिति पर असर पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि उन्हें पहले ही आठ घंटे की बजाए 5 घंटे बिजली बहुत ही मुश्किल से मिल पा रही है। वहीं अब गांव के साथ शहर के भी उपभोक्ताओं को बिजली की समस्या से जूझना पड़ रहा है। पंजाब स्टेट पॉवर निगम लिमिटेड ने कहा कि कोयले की कमी की वजह से बिजली उत्पादन में कमी आई है और बिजली में कटौती की जा रही है। यह सिलसिला 13 अक्तूबर तक चलेगा, 3 घंटे तक बिजली की कटौती की जाएगी। पंजाब स्टेट पॉवर कार्पोरेशन लिमिटेड उपभोक्ताओं को बिजली बचाने अपील की है। जानकारी के मुताबिक रोपड़ थर्मल प्लांट और लहरा मुहब्बत में भी 2 दिन का कोयला बचा हुआ है। वहीं तलवंडी साबो, राजपुरा और गोइंदवाल में कोयला ख़त्म की कगार पर है। वहीं कुछ जानकारों का कहना है कि नियम के मुताबिक थर्मल प्लांट में करीब 1 महीना उपयोग करने लायक कोयला स्टॉक में रहना चाहिए।

बिजली सप्लाई में कटौती
कोयले की इस भारी कमी की वजह से पॉवरकॉम ने रोपड़ की चार में से दो और लहरा मुहब्बत की एक यूनिट और तलवंडी साबो की भी एक यूनिट बंद कर दी गई है। वहीं आधी झमता के साथ तलवंडी साबो प्लांट की दो यूनिट को चलाया जा रहा है। इसी तरह से गोइंदवाल साहिब की दोनों यूनिट को भी आधी क्षमता पर ही चलाया जा रहा है। बिजली उत्पादन कम होने की वजह से 3000 मेगावाट बिजली पावरकॉम ने बाहर से ख़रीदी। इन दिनों पूरे देश में ही कोयले के संकट की वजह से बिजली पैदावार कम हो रही है। इसलिए बाहर से भी बिजली कम मिल पा रही है।

बिजली बचत की अपील
बिजली की मांग के मुताबिक आपूर्ती नहीं हो पा रही है इसलिए पॉवरकॉम को बिजली सप्लाई में कटौती करनी पड़ी। दो से तीन घंटे जहां शहरों में कट लगते थे वहां अब 7 से 8 घंटे कट लगाने पड़ रहे हैं। वहीं गांवों में लोगों को 9 से 10 घंटे तक भी बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। पॉवरकॉम ने इस गंभीर संकट को देखते हुए उपभोक्ताओं से बिजली की बचत करने की अपील की है। पॉवरकॉम ने एसी बंद रखने, लाइटों और अन्य बिजली उपकरणों का ज़रूरत के मुताबिक ही इस्तेमाल करने की अपील की है। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों में बिजली के लंबे कट के लिए लोग तैयार रहें।

कोयले के भंडार में कमी
पॉवरकॉम के चेयरमैन ए.वेणुं प्रसाद ने कहा कि कोयले के भंडार में कमी की वजह से चलने वाले बिजली यूनिट अपनी उत्पादन सामर्थ्या के 50 प्रतिशत से भी कम पर काम कर रहे हैं। आधिकारियों ने कहा कि निजी बिजली इकाइयों के पास डेढ़ दिन तक और राज्य की इकाइयों के पास चार दिनों तक का कोयले का भंडार है। कोयले की कमी झेल रही पॉवरकॉम ने पंजाब के लोगों को बिजली कटों से निजात दिलाने के लिए 11.60 रुपए के दर पर बेहद महंगी 1800 मेगावाट बिजली खरीदी है।
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बुधवार तक लगेंगे बिजली कट
ए.वेणुं प्रसाद ने बताया कि बीते दिन कोयले के 22 रैक की जगह 11 रैक ही मिले थे। पॉवरकॉम महंगी दरों पर भी कृषि सेक्टर समेत राज्य के उपभोक्ताओं की मांग को पूरा करने के लिए बिजली की खरीद रहा है। पीएसपीसीएल ने 9 अक्तूबर को पंजाब की 8788 मेगावाट बिजली की ज़्यादा से ज़्यादा मांग पूरी की है। बिजली की खरीद के बावजूद मांग और स्पलाई के बीच की दूरी को पूरा करने के लिए बिजली के कट लगाने पड़ेंगे। बुधवार तक हर रोज तकरीबन छोटे बिजली कट लगाए जाएंगे।
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