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सुखबीर सिंह बादल के दावे बेबुनियाद, बदलाव का नहीं लिया गया कोई फैसला- गृह मंत्रालय

वन इंडिया हिंदी से बात कर हुए सुखबीर सिंह बादल के प्रधान मीडिया सलाहकार हरचरण सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब का जो चंडीगढ़ पर क्लेम है वह बना रहे इसलिए ही यूटी प्रशासक की नियुक्ति पर समीक्षा की बात सुखबीर सिंह बादल ने कही है

चंडीगढ़। अगस्त 13, 2021। शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने साफ कर दिया कि पंजाब के राज्यपाल से चंडीगढ़ के प्रशासक के रूप में जिम्मेदारी लेने का कोई प्रस्ताव उसके सामने नहीं है। गृह मंत्रालय ने चंडीगढ़ के प्रशासक को लेकर बादल की सुखबीर सिंह बादल की आशंकाओं को बेबुनियाद बताया।

sukhbeer singh badal

बादल के ट्वीट बेबुनियाद
गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि बादल के ट्वीट में जताई गयी आशंका बेबुनियाद है। गृह मंत्रालय ने यह साफ़ कर दिया कि केंद्र सरकार ने पंजाब के राज्यपाल से चंडीगढ़ के प्रशासक के रूप में जिम्मेदारी लेने का कोई फैसला नहीं लिया गया है और ना ही ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन है। यह भी साफ़ किया जाता है कि सुखबीर सिंह बादल ने इस मुद्दे को केंद्रीय गृह मंत्री के पास नहीं उठाया है।

पंजाब का चंडीगढ़ पर क्लेम बना रहे
वन इंडिया हिंदी से बात कर हुए सुखबीर सिंह बादल के प्रधान मीडिया सलाहकार हरचरण सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब का जो चंडीगढ़ पर क्लेम है वह बना रहे इसलिए ही यूटी प्रशासक की नियुक्ति पर समीक्षा करने की बात सुखबीर सिंह बादल ने कही है। हरचरण सिंह बैंस ने कहा कि केंद्र सरकार, पंजाब और हरियाणा के हस्तक्षेप से चंडीगढ़ में कामों की भूमिका काफ़ी प्रभावित होती है। छोटे-बड़े फैसले लेने मे भी काफ़ी परेशनियों का सामना करना पड़ता है। कई योजनाएं अधर में ही लटकी रह जाती हैं तो कुछ योजनाएं काफ़ी वक़्त लगने का बाद पूरी होती हैं। इन्हीं सब परेशानियों को देखते चंडीगढ़ रेजिडेंट्स यहां के लिए स्वतंत्र प्रशासक की मांग करते रहे हैं।

पंजाब के राज्यपाल ही यूटी प्रशासक
मौजूदा हाल में पंजाब के राज्यपाल ही यूटी प्रशासक होते हैं। 22 अगस्त 2021 को मौजूदा प्रशासक का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इसी कड़ी में अब लोग केंद्र सरकार पर अलग से प्रशासक नियुक्त करने का दबाव बना रहे हैं। प्रशासनिक गलियारे से भी ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि अब अलग प्रशासक नियुक्त किया जा सकता है। अलग प्रशासक बनाने की ख़ास वजह पंजाब की राजनीतिक स्थिति भी है। पिछली बार 2016 में केन्द्र सरकार ने केजे अलफोंस को यूटी प्रशासक नियुक्त किया गया था लेकिन शिरोमणि अकाली दल की दखल अंदाजी की वजह केन्द सरकार को अपना फ़ैसला वापस लेना पड़ा था।

सुखबीर सिंह बादल ने दिए सुझाव
ग़ौरतलब है कि शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने अनुरोध किया था कि केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के लिए पूर्ण प्रशासक नियुक्त करने के फैसले की समीक्षा की जाए। सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पंजाब राज्यपाल के अधिकार को कम कर विनिवेश के जरिये अलग से प्रशासक नियुक्त नहीं किया जाए। यूटी प्रशासक नियुक्त करने से राजधानी में पंजाब के दावे कमज़ोर हो जएंगे। पंजाब का अविभाज्य हिस्सा चंडीगढ था इसे जल्द ही मूल राज्य में बदला जाना चाहिए।

पूर्ण प्रशासक नियुक्त करने की कोई वजह नहीं
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि राज्य के बाहर से केंद्र शासित प्रदेश के लिए पूर्ण प्रशासक नियुक्त करने की कोई वजह नहीं है। प्रशासक नियुक्ति तब तक नहीं करनी चाहिए जब तक कि केंद्र शासित प्रदेश को पंजाब में बदल नहीं दिया जाता है। इसलिए अधिकारी मूल राज्य से होना चाहिए। पहले भी चंडीगढ़ के चीफ कमिश्नर भी पंजाब के रहने वाले थे। आपको बता दें कि फिलहाल केंद्र सरकार ने अभी ऐसी कोई नियुक्ति नहीं की है। 22 अगस्त को मौजूदा प्रशासक बदनौर का कार्यकाल ख़त्म हो रहा है। प्रशासक का कार्यकाल समाप्त होने की वजह से प्रशासक की नियुक्ती की चर्चा का विषय बनी हुई है।

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