पंजाब: शहीद जसविंदर सिंह के सम्मान में बनेगा खेल स्टेडियम, परिवार को 50 लाख रुपये और एक सदस्य को सरकारी नौकरी
इसी कड़ी में माना कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमले में शहीद हुए नायब सूबेदार जसविंदर सिंह के परिवार वालो से उनके गांव माना तलवंडी में मुलाक़ात की और पांच लाख रुपये का चेक सौंपा।
चंडीगढ़, अक्टूबर 22, 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर पंजाब कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से कमर कस चुकी है। कांग्रेस पार्टी किसी भी मुद्दे को लेकर ज़रा सा भी चूक नहीं होने देना चाहती है। इसी कड़ी में माना कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमले में शहीद हुए नायब सूबेदार जसविंदर सिंह के परिवार वालो से उनके गांव माना तलवंडी में मुलाक़ात की और पांच लाख रुपये का चेक सौंपा। वहीं उन्होंने परिवार के एक सदस्य को जल्द ही सरकारी नौकरी देने का वादा किया। वहीं उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार गांव माना तलवंडी में शहीद जसविंदर सिंह के नाम पर खेल स्टेडियम का निर्माण करवाएगी।

शहीद जवान के परिवार का सम्मान
पंजाब के तकनीकी शिक्षा, बागवानी और भूमि रक्षा मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने कहा कि शहीद जसविंदर सिंह का सारा परिवार देश सेवा को समर्पित है और उन्होंने देश की रक्षा के लिए शहीद होकर पूरे पंजाब का सिर गर्व से ऊंचा किया है। शहीद हमारी राष्ट्रीयता का सरमाया है। उन्होंने कहा कि शहीद जसविंदर सिंह की शहादत हमारी आने वाली पीढ़ियों को देश सेवा के लिए कुछ कर गुजरने का संदेश देती रहेगी। उन्होंने शहीद की माता, पत्नी और दूसरे पारिवारिक सदस्यों को पंजाब सरकार की तरफ से हरसंभव सहायता का विश्वास दिलाया। उन्होंने पंजाब सरकार की तरफ़ से शहीद जसविंदर सिंह के परिवार के लिए एलान की गई 50 लाख रुपये की एक्सग्रेशिया ग्रांट में 5 लाख का चेक शहीद की पत्नी को सौंपा। उन्होंने कहा कि बाकी एक्सग्रेशिया ग्रांट की रकम और शहीद के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने के लिए कार्रवाई जल्द पूरी की जा रही है।

वित्तीय सहायता की घोषणा
पंजाब सरकार की तरफ़ से शहीदों के नाम पर उनके पैतृक गांव में खेल स्टेडियम बनाने की नीति के तहत गांव माना तलवंडी में नया खेल स्टेडियम बनाने और गांव के विकास कामों के लिए 10 लाख रुपये की ग्रांट देने का भी राणा गुरजीत सिंह ने एलान किया। कैबिनेट मंत्री की तरफ़ से की गई वित्तीय सहायता की घोषणा से ग्रामीणों में खुशी की लहर है कि इसी वजह से गांव के छप्पड़ की साफ-सफाई और नवीनीकरण भी हो जाएगी। वहीं शहीद हुए नायब सूबेदार जसविंदर सिंह की मां गुरपाल कौर ने अपने बेटे के बारे में बात करते हुए कहा कि वह एक अच्छा बेटा था और पूरा परिवार चलाता था, उसके जाने के बाद हमारे लिए परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।

सेना पदक से सम्मानित
शहीद नायब सूबेदार जसविंदर सिंह की मां गुरपाल कौर ने कहा कि मेरे बेटे के साथ जिन लोगों की जान चली गई, वे भी मेरे बेटे जैसे थे। जब मेरा पोता बड़ा हो जाएगा तो मैं उसे सेना में भर्ती करने के लिए भेजूंगी। साल 2006 में कश्मीर में तीन आतंकवादियों को मार गिराने में जसविंदर सिंह ने अहम भूमिका निभाई थी इसके लिए उन्हें सेना पदक से सम्मानित भी किया गया था। दरअसल जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में आतंकियों से हुई मुठभेड़ में एक जूनियर कमीशंड अधिकारी और चार सैनिक शहीद हो गए थे. सुरक्षा बलों को पुंछ सेक्टर में आतंकियों के मौजूद होने की खबर मिली थी. जिसके बाद सेना के जवान वहां पहुंच तलाशी अभियान शुरू की इस दौरान आतंकियों के तरफ से हमले के दौरान वह शहीद हो गए।
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