पंजाब: सिद्धू के रवैये ने बढ़ाई CM चन्नी की मुश्किलें, चुनाव से पहले पार्टी को एकजुट रखना बनी चुनौती

कांग्रेस आलाकमान से लेकर मुखय्मंत्री चरणजीत सिंह तक पार्टी में मचे घमासान को शांत करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं लेकिन फिर भी पार्टी में सब कुछ ठीक नहीं हो पा रहा है।

चंडीगढ़, 3 जनवरी 2021। विधानसभा चुनाव के दिन क़रीब आते ही पंजाब कांग्रेस में सियासी घमासान शुरू हो चुका है। कांग्रेस आलाकमान से लेकर मुखय्मंत्री चरणजीत सिंह तक पार्टी में मचे घमासान को शांत करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं लेकिन फिर भी पार्टी में सब कुछ ठीक नहीं हो पा रहा है। हालात ऐसे हो चुके हैं कि अब पंजाब कांग्रेस के नेता पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के ख़िलाफ़ बयानबाज़ी करने से नहीं चूक रहे हैं। सियासी जानकारों की मानें तो कहीं न कहीं पंजाब कांग्रेस में फिर से गुटबाज़ी हावी होने लगी है। पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा भी सिद्धू की बयानबाज़ी से नाराज़ चल रहे हैं। यहां तक की उन्होंने मंत्री पद छोड़ने का ऐलान तक कर दिया।

सुखजिंदर रंधावा ने खोला मोर्चा

सुखजिंदर रंधावा ने खोला मोर्चा

पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ़ मोर्चा खोलते हुए उन्हें अतिमहत्वकांक्षी की संज्ञा तक दे डाली। आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखना सीएम चन्नी के लिए चुनौती बन गई है। जिस तरह से पार्टी आलाकमान को भरोसे में लेकर सीएम चन्नी सभी फ़ैसले कर रहे थे लेकिन अब वह पार्टी में पड़ रही दरार की वजह से चुनावी रणनीति तैयार नहीं कर पा रहे हैं। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू पहले ही सीएम उम्मीदवार की घोषणा करने की मांग पर ज़ोर दे रहे हैं। वहीं अब पार्टी में सिद्धू के ख़िलाफ़ भी बग़वाती सुर तेज़ होने लगी है। ऐसे में चुनाव से पहले पार्टी को एकजुट रखना भी सीएम चन्नी के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।

CM चन्नी सामने बड़ी चुनौती

CM चन्नी सामने बड़ी चुनौती

पार्टी के अंदर पड़ रही फ़ूंट की वजह से मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी सामने यह चुनौती है, कि वह चुनाव में सभी को एक साथ लेकर काम कैसे करें। सीएम पद को लेकर पहले से ही वह असमंजस में हैं, वहीं अब पार्टी के अंदर पड़ रही दरार ने भी उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। विधानसभा चुनाव में अगर कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया तो इसकी ज़िम्मेदारी भी उन्हीं की होगी। यही वजह है कि वह मीडिया में भी बयानबाज़ी करने से परहेज़ करते हैं। वहीं इन सबसे उलट नवजोत सिंह सिद्धू अपनी ही पार्टी की परेशानियां बढ़ाते हुए नज़र आ जाते हैं। उनकी बयानबाज़ी से पार्टी की छवि पर क्या असर पड़ेगा इस बात को अनदेखा करते हुए वह अपनी ही पार्टी पर हमलावर रहते हैं। बिक्रम सिंह मजीठिया की गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर वह अपने ही सरकार पर सवालिया निशान लगा रहे हैं।

कांग्रेस नेताओं ने खड़े किए सवाल

कांग्रेस नेताओं ने खड़े किए सवाल

पंजाब के उप मुख्यमंत्री और गृहमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सिद्धू की बयानबाज़ी पर नाराज़गी ज़ाहिर की।उन्होंने कहा कि मुझे गृह मंत्रालय मिलने से के बाद से नवजोत सिंह सिद्धू नाराज़ चल रहे हैं। रंधावा ने कहा कि सिद्धू के लिए मैं अपना पद छोड़ने के लिए तैयार हूं। ग़ौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है कि सिद्धू पर किसी कांग्रेसी नेता ने हमला बोला है। कांग्रेस नेता भारत भूषण आशु ने भी इससे पहले नवजोत सिंह सिद्धू को महत्वकांक्षाएं त्यागने की सलाह देते कांग्रेसी कल्चर सीखने की नसीहत दी थी। आशु ने कहा था पंजाब में कांग्रेस मॉडल चलेगा सिद्धू मॉडल नहीं चलेगा । इन सबसे पहले राणा गुरजीत सिंह भी सिद्धू पर सवाल खड़े कर चुके हैं।


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