पंजाब: SAD अध्यक्ष सुखबीर बादल ने AAP संयोजक पर लगाए आरोप, अरविंद केजरीवाल ने कही ये बात
पंजाब मे विधामसभा चुनाव के मद्देनज़र रजनीतिक दलों में सियासी जंग छिड़ चुकी है। सभी दलों के नेता एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं।
चंडीगढ़, 30 नवम्बर 2021। पंजाब मे विधामसभा चुनाव के मद्देनज़र रजनीतिक दलों में सियासी जंग छिड़ चुकी है। सभी दलों के नेता एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं। हाल ही मे शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर बयानबाज़ी की थी। वहीं अब केजरीवाल ने पंजाब की जनता से मुखातिब होते हुए शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर निशाना साधा है। दरअसल सुखबीर सिंह बादल ने अमृतसर में जनसभा को संबोधित करते आम आदमी पार्टी को झूठा करार दे दिया था। इसके साथ ही उन्होंने आम आदमी पार्टी के संयोजक से दिल्ली में किए गए वादों को पूरा करने क बात कही थी। इसी के बात पर अब अरविंद केजरीवाल ने सुखबीर सिंह बादल पर सवाल खड़ा किया है।

'सुखबीर बादल सिर्फ़ मेरे ख़िलाफ़ बोलते हैं'
आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ये सुखबीर सिंह बादल मेरे खिलाफ़ बोलते हैं यह बहुत ही दिलचस्प बात है। कभी सीएम चन्नी के खिलाफ एक लफ्ज भी क्यों नहीं बोलते हैं। आपको बता दें कि इससे पहले भी शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल कई बार केजरीवाल की घोषणाओं को नकारा चुके हैं। पिछली बार जब अरविंद केजरीवाल ने 300 यूनिट बिजली फ्री करने की घोषणा की थी तो उसके अगले दिन ही सुखबीर बादल ने हर महीने 400 यूनिट मुफ़्त बिजली देने की घोषणा कर दी थी।

' विपक्षी दलों के पास कोई वीज़न नही है '
आम आम आदमी पार्टी के नेता गोविंदर मित्तल से जब इस बाबत वन इंडिया हिंदी ने बात की तो उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के पास कोई वीज़न नहीं है इसलिए वह आम आदमी के मुद्दे को ही दूसरी तरह से पेश कर चुनावी घोषणा कर रहे हैं। आपको बता दें कि हाल ही में अरविंद केजरीवाल ने पंजाब में सत्ता में आने के बाद हर 18 वर्ष और इस से ऊपर महिलाओं को 1 हज़ार रुपए देने की घोषणा की थी। इस मुद्दे पर भी अरविंद केजरीवाल को घेरते हुए शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने इस घोषणा को पहले दिल्ली में लागू करने की बात कही थी।

'95 फ़ीसद किसान अकाली दल के साथ है'
सुखबीर सिंह बादल ने किसानों को लेकर भी एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि 95 प्रतिशत किसान अकाली दल के साथ हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की लड़ाई दिल्ली के साथ है, अपनों के साथ नहीं है। विरोध करने वाले कांग्रेस और 'आप' के लोग ही हैं। सुखबीर बादल ने कहा कि आजकल तो झंडे उठा कर विरोध करना फैशन-सा बन गया है। पंजाब में अगर शिरोमणि अकाली दल को छवि बरकरार रखनी है तो आगमी विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी से ज्यादा सीटें लेना जरूरी है। क्योंकि 2017 के विधानसभा चुनावों आम आदमी पार्टी को 17 सीटें मिली थीं। वहीं शिरोमणि अकाली दल के खाते में सिर्फ़ 14 ही सीटें आईं थी।

पंजाब में बदल गए सियासी समीकरण
पंजाब में इस बार तो सियासी समीकरण कई ऐतबार से बदले हुए नज़र आ रहे हैं। कृषि कानूनों की वजह से पंजाब में भाजपा कमज़ोर पड़ रही है। वहीं शिअद-भाजपा पहली बार बिना गठबंधन के चुनाव लड़ रही है। कैप्टन अमरिंदर सिंह अपनी नई पार्टी से चुनाव लड़ेंगे। इसलिए शिअद को अपनी नाक बचाने के लिए आम आदमी पार्टी से ज्यादा सीटें लाना लाजमी है। कहीं ना कहीं राजनीतिक पार्टियों में दरार आने की वजह से वोट बैंक का निश्चित तौर पर ध्रुवीकरण होगा। इसमे वही पार्टी ज्यादा कामयाब हो पाएगी जो जनता को लुभाने में कामयाब हो पाएगी।
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