Punjab: 'जानबूझकर पंजाब की झांकी को परेड से बाहर रखा', सीएम भगवंत मान का केंद्र पर आरोप
गणतंत्र दिवस के मौके पर पंजाब की झांकी को अनुमति ना मिलने सीएम भगवंत मान ने केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने याद दिलाया कि पंजाब की मिट्टी में जन्मे कई बेटे और बेटियां देश के स्वतंत्रता संग्राम में सबसे आगे रहे। सीएम ने मान सवाल किया कि केंद्र को बताना चाहिए कि पंजाब की झांकी में क्या कमी जिससे गणतंत्र दिवस में इसे प्रदर्शित करने का मौका नहीं दिया गया।
गणतंत्र दिवस के मौके पंजाब मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि अनगिनत बलिदानों के बाद भारत एक अखंड और संप्रभु राष्ट्र बन पाया। पंजाब ने देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करते हुए भारतीय गणराज्य के निर्माण अहम योगदान दिया है।

दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड में राज्य की झांकी को शामिल ना करने पर केंद्र की एनडीए सरकार पर कटाक्ष करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा, "आज, हमें इस दिन को मनाने का अधिकार है लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य की झांकी को जानबूझकर गणतंत्र दिवस परेड से बाहर रखा गया।"
पंजाब की मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, "75वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर एक समारोह में तिरंगा फहराने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन हमारे लिए बहुत महत्व रखता है क्योंकि पंजाबियों ने इसे भारी बलिदानों के बाद लाया था।"
पंजाब सीएम कार्यालय की ओर से कहा गया कि पंजाब की झांकी को अनुमति ना देकर केंद्र ने शहीद भगत सिंह, शहीद राजगुरु, शहीद सुखदेव, लाला लाजपत राय, शहीद उधम सिंह, शहीद करतार सिंह सराभा, माई भागो, गदरी बाबे और अन्य सहित देश के स्वतंत्रता संग्राम के नायकों का अपमान किया।
सीएमओ ने विज्ञप्ति में कहा,"भगवंत सिंह मान ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पंजाबियों के सर्वोच्च बलिदान का उपहास असहनीय और अनुचित है, जिसके कारण राज्य ने इस मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाया है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता क्योंकि यह इन महान देशभक्तों और राष्ट्रीय नेताओं का गंभीर अपमान है।"












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