'आज पंजाब भारत का सबसे बड़ा कर्जदार प्रदेश'....नवजोत सिंह सिद्धू ने फिर अपनी ही सरकार को खूब सुनाया
चंडीगढ़, 15 नवंबर: नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब में चरणजीत सिंह सरकार पर फिर से जोरदार तंज कसा है और पंजाब को देश का सबसे बड़ा कर्जदार प्रदेश बताया है। उन्होंने कहा है कि पंजाब के जीडीपी में आधा हिस्सा ऋण खाते का है। वह लगातार पंजाब की बर्बाद हो रही वित्तीय हालात पर हमला बोल रहे हैं और पिछले दिनों यह कहकर बहुत बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था कि अगर कर्ज से उबरने के लिए उपयुक्त संसाधन नहीं जुटाए गए तो सिविल-वॉर की नौबत आ सकती है। इसपर भाजपा ने भी उनपर जोरदार पलटवार किया था और उनके बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताया था।

'आज पंजाब भारत का सबसे बड़ा कर्जदार राज्य है'
पंजाब प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने कई सारे ट्वीट के जरिए आज कहा है कि 'वित्तीय जवाबदेही और पारदर्शिता पंजाब मॉडल के स्तंभ' हैं। लेकिन, आज उन्होंने राज्य की माली हालत के बारे में बहुत बड़े संकट की ओर इशारा कर दिया है। सिद्धू ने कहा है कि 'आज पंजाब भारत का सबसे बड़ा कर्जदार राज्य है। कर्ज का बोझ प्रदेश की जीडीपी का 50% है। हमारे खर्च का आधा हिस्सा महंगे कर्ज से आता है। उन वास्तविक मसलों से न हटें जिनका समाधान हर पंजाबी और पार्टी कार्यकर्ता चाहता है.....'
'जनता को मिले वित्तीय स्थिति की जानकारी'
अगले ट्वीट में वे लिखते हैं कि, 'वित्तीय जवाबदेही और पारदर्शिता पंजाब मॉडल के स्तंभ हैं। जवाबदेही के लिए हर योजना की घोषणा के दौरान फंड के स्रोतों के खुलासे की जरूरत है, कि कहां से आ रहा है, आय से या फिर और कर्ज लेकर। पारदर्शिता के लिए जरूरी है कि प्रदेश के स्वस्थ वित्तीय स्थिति की जानकारी हर महीने जनता को मिले। '
'उधार लेना सही रास्ता नहीं है'
सिद्धू ने सीएम चरणजीत सिंह चन्नी सरकार से कहा है कि 'उधार लेना सही रास्ता नहीं है! कर्ज उतारने के लिए टैक्स नहीं बढ़ाया जाना चाहिए, लेकिन विकास के जरिए लोगों के पास वापस पहुंचिए। राज्य के संसाधनों की चोरी रोकने के लिए समाधान वाला मॉडल है- सरकारी खजाने को भरें और आय के उत्पादन के जरिए कल्याणकारी राज्य बनाएं।' हाल ही में उन्होंने राज्य की वित्तीय स्थिति पर चिंता जताते हुए कह दिया था कि अगर परिस्थितियां नहीं सुधारी गईं तो पंजाब सिविल वॉर की तरफ बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा था कि यदि फौरन जरूरी कदम नहीं उठाए गए तो यह राज्य रहने लायक नहीं बचेगा। उन्होंने सीएजी रिपोर्ट का हवाला देकर दावा किया था कि 2024 तक पंजाब करीब 4 लाख करोड़ के कर्ज में डूब जाएगा।
बड़ी बात ये है कि एक तरफ पंजाब की वित्तीय स्थिति के बंटाधार होने की बात खुद सत्ताधारी दल के मुखिया स्वीकार रहे हैं और दूसरी तरफ आने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर चरणजीत सिंह चन्नी की सरकार हर दिन कोई ना कोई लोक-लुभावन ऐलान कर रही है, जिससे सरकारी खजाने पर भारी बोझ पड़ने जा रहा है।












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