पंजाब सरकार का अपने ही फ़ैसले से यू टर्न, रजिस्ट्री के लिए NOC ज़रूरी
2014 और 2018 में पंजाब सरकार ने वन टाइम सेटेलमेंट स्कीम के तहत अवैध कॉलोनियों को रजिस्टर करने के निर्देश जारी किए थे।
चंडीगढ़, अगस्त 11, 2021। पंजाब सरकार के नोटिफिकेशन पर जनहित याचिका के ज़रिए चुनौती दी गई है। पंजाब सरकार ने 12 दिसंबर 2019 को अवैध कॉलोनियों की बिना एनओसी के रजिस्ट्री किए जाने की नोटिफिकेशन जारी की थी। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से जवाब तलब किया। पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को जवाब देते हुए कहा कि कानून विभाग से मशवरा करने के बाद ही नोटिफिकेशन जारी की गई है। वहीं पंजाब सरकार की ओर से कहा हाईकोर्ट को कहा गया कि इस नोटिफिकेशन पर किसी तरह की आपत्ति तो सरकार फिलहाल के लिए इस नोटिफिकेशन पर रोक लगाने के लिए तैयार है। जब तक कि याचिकाकर्ता के ज़रिए दी गई शिकायत पर दोबारा गौर नहीं कर लिया जाता।

पंजाब सरकार की ओर से दिए जवाब में हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर जल्द से जल्द उचित निर्णय लिए जाने के आदेश दिए। न्यायालय में दिए गए जवाब के बाद अब पंजाब सरकार ने रजिस्ट्री में एनओसी जरूरी कर दी है। एनओसी के बाबत पंजाब सरकार की तरफ़ से सभी जिलों के डीसी को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस निर्देश के बाद से प्रदेश भर में हो रही अवैध कॉलोनियों की रजिस्ट्रियां पूरी तरह से बंद हो गई हैं। ग़ौरतलब है कि साल 2014 और 2018 में पंजाब सरकार ने वन टाइम सेटेलमेंट स्कीम के तहत अवैध कॉलोनियों को रजिस्टर करने के निर्देश जारी किए थे।
सरकार की तरफ़ से यह तय किया गया था कि सब-रजिस्ट्रार ऐसे किसी प्रॉपर्टी की सेल डीड नहीं करेंगे जो रजिस्टर नहीं होगी या जिसकी एनओसी नहीं होगी। वहीं 12 दिसंबर, 2019 को सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी कर एनओसी की बाध्यता को ख़त्म कर दी। सरकार के इस फैसले के बाद अब अवैध कॉलोनियों में ज़मीन की ख़रीद फरोख्त के लिए एनओसी ज़रूरी है। रजिस्ट्री के लिए पहले नगर निगम अथवा PUDA और JDA (अधिकार क्षेत्र मुताबिक) से एनओसी लेना ज़रूरी है। जानकारों के मुताबिक एनओसी लेने की प्रकिया बहुत ही पेचीदा है। कई विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने के बाद ही एनओसी मिल सकता है।












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