पंजाब सरकार ने ₹5000 करोड़ के पॉवर ट्रांसमीशन और डिस्ट्रीब्यूशन का लक्ष्य पूरा किया, नहीं कटेगी बिजली
पंजाब ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रगति करने को तैयार है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया राज्य सरकार ने बिजली के पारेषण और वितरण से संबंधित ₹5000 करोड़ की परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जिससे प्रदेश में बिजली की उपलब्धता बेहतर होगी।
सीएम मान ने कहा पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में पंजाब में अक्सर बिजली संकट की खबरें आती थीं, जहाँ थर्मल पावर प्लांटों में कोयले का स्टॉक केवल दो दिनों के लिए शेष रहता था। यह स्थिति राज्य के लिए एक बड़ी चुनौती थी, जिससे बिजली कटौती की समस्याएँ आम थीं।

उन्होंने बताया वर्तमान सरकार ने इस समस्या का स्थायी समाधान खोजा है। झारखंड में पंजाब की कोयला खदान को फिर से शुरू किया गया है, जिससे अब राज्य के पास 27 दिनों के लिए कोयले का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। इस कदम से बिजली उत्पादन में स्थिरता आएगी और भविष्य में बिजली संकट की आशंका कम होगी।
पंजाब सरकार ने शुरू की रोशन पंजाब योजना
गौरतलब है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने 'रोशन पंजाब' नामक योजना शुरू की है। इस पहल का लक्ष्य अगले एक वर्ष के भीतर पूरे राज्य में 24 घंटे निर्बाध और किफायती बिजली उपलब्ध कराना है। यह योजना पंजाब के प्रत्येक घर, खेत और औद्योगिक इकाई को रोशन करने के मिशन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
गांव और शहरों में नहीं होगी बिजली कटौती
इस परियोजना के लिए सरकार ने ₹5,000 करोड़ का बड़ा निवेश किया है, जो पंजाब के बिजली क्षेत्र के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा व्यय है। इस निवेश का उद्देश्य बिजली वितरण प्रणाली को मजबूत करना है, ताकि प्रत्येक गांव और शहर तक बिना किसी रुकावट के बिजली पहुंचाई जा सके।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस पहल को पंजाब के विकास और जन-विश्वास को सुदृढ़ करने वाला एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि अब पंजाब में कोई भी फैक्ट्री बिजली की कमी के कारण बंद नहीं होगी और न ही कोई किसान अंधेरे में रहेगा। प्रत्येक घर को 24 घंटे सस्ती बिजली मिलेगी।












Click it and Unblock the Notifications