पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल अस्पताल में भर्ती
शिरोमणी अकाली दल (SAD) के मुखिया और पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। punjab former cm prakash singh badal hospitalized
चंडीगढ़, 04 सितंबर : पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बता दें कि वयोवृद्ध नेता प्रकाश सिंह बादल शिरोमणी अकाली दल (SAD) के संरक्षक हैं। SAD नेता दलजीत सिंह चीमा ने रविवार को कहा कि पंजाब के 94 वर्षीय पूर्व मुख्यमंत्री को शनिवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बादल को हल्के बुखार के बाद चंडीगढ़ के PGIMER में भर्ती कराया गया।

जून में भी बिगड़ी तबीयत, मोहाली में हुआ इलाज
गौरतलब है कि पंजाब में पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके प्रकाश सिंह बादल इससे पहले जून में भी बीमार पड़े थे। उन्हें मोहाली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जून में बादल को गैस्ट्राइटिस और ब्रोन्कियल अस्थमा से पीड़ित पाया गया था।
कभी न हारने वाले प्रकाश सिंह बादल को मिली मात !
बता दें कि पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 में प्रकाश सिंह बादल की पार्टी SAD को आम आदमी पार्टी (AAP) से करारी शिकस्त मिली। भाजपा से अलग होने के बाद शिरोमणी अकाली दल ने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। पूरे प्रदेश में SAD विधाययकों समेत नए नेताओं को भी AAP ने जबरदस्त तरीके से धूल चटाई। कभी चुनाव न हारने का रिकॉर्ड रखने वाले प्रकाश सिंह बादल को AAP उम्मीदवार ने 11 हजार से अधिक वोटों से पटखनी दी।
SAD को मिली महज 15 सीटें
पंजाब में लगातार जनाधार खो रही शिरोमणी अकाली दल ने पिछली बार 15 सीटें जीती थी, लेकिन SAD इस बार केवल तीन सीटें जीत सकी। 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में SAD प्रकाश सिंह बादल के बेटे सुखबीर सिंह बादल की अगुवाई में उतरी थी। प्रकाश सिंह बादल को भी AAP उम्मीदवार ने 30 हजार से अधिक मतों से धूल चटाई थी।
शिरोमणी अकाली दल का भाजपा से अलगाव
दिलचस्प है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल की बगावत के बाद SAD को भाजपा से अलग होना पड़ा था। केंद्र सरकार के तीन विवादित कृषि कानूनों के खिलाफ हरसिमरत कौर बादल ने मोदी सरकार से इस्तीफा दे दिया था। हरसिमरत सुखबीर सिंह बादल की पत्नी और प्रकाश सिंह बादल की पुत्रवधू हैं। SAD और BJP के अलग होने के बाद पंजाब विधानसभा चुनाव में SAD का वोट प्रतिशत घटा है। 1997 में 37 फीसद से अधिक वोट शेयर रखने वाली SAD को इस बार महज 18.4 प्रतिशत वोटरों का साथ मिला। पार्टी सीटों पर चुनाव लड़ रही थी।












Click it and Unblock the Notifications