पंजाब: किसान बोले- कीड़े मकोड़ों ने बर्बाद कर दी 2200 एकड़ मक्का की फसल, 20000 रु/एकड़ मुआवजा दिया जाए
रोपड़। पंजाब में रोपड़ जिले के किसानों और कृषक संगठनों ने फसल खराबी के चलते सरकार से मुआवजा की मांग की है। महाराजा रणजीत सिंह बाग में प्रदर्शनकारियों ने बीते रोज धरना दिया। किरती किसान मोर्चा के सदस्यों ने धरना देते हुए कहा कि, सरकार हमारी फसल बर्बादी की खातिर, प्रति एकड़ 20 हजार रुपए मुआवजा दे। उन्होंने कहा कि, नूरपुरबेदी, नंगल, आनंदपुर साहिब आदि क्षेत्रों में करीब 2200 एकड़ मक्की की फसल आर्मीबॉर्म नाम के कीड़े द्वारा बर्बाद कर दी गई हैं। धरनास्थल पर मौजूद कई किसानों ने यहां तक कहा कि, तीन बार महंगे रेट पर कीटनाशक स्प्रे करने के बावजूद भी उनकी पूरी फसल खराब हो गई। इसी तरह नूरपुरबेदी में कृषि अफसरों से शिकायत की गई थी, हालांकि वे फसलों को कीड़े-मकोडों से बचाने में असफल रहे और खेत में खड़ी फसल बर्बाद हो गई।

धरनास्थल पर 1309 किसानों ने मुआवजा फार्म भरे
किसान प्रदर्शनकारियों की ओर से कहा जा रहा है कि, यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो विरोध-प्रदर्शन तेज होता चला जाएगा। जल्द मुआवजा न मिलने पर 5 सितंबर से रोड जाम किए जाएंगे। महाराजा रणजीत सिंह बाग में बैठे किसान पदाधिकारी के मुताबिक, धरने में शामिल होने आए किसानों में से 1309 ने मुआवजा फार्म भरे हैं और खेतीबाड़ी विकास अफसर दविंदर सिंह को सौंपे हैं। जिसमें प्रति एकड़ 20 हजार रुपए मुआवजा देने की मांग की की है। इसके साथ ही दस दिन का अल्टीमेटम भी दिया गया है। प्रदर्शनकारी कह रहे हैं कि, अगर मुआवजा नहीं दिया तो 5 सितंबर को बुंगा साहिब रोड जाम किया जाएगा या मंत्री की कोठी घेरेंगे।

किरती किसान मोर्चा के नेताओं के आरोप
किरती किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा कि, जिले में हमारे किसान भाइयों ने पानी की कमी के चलते मक्की की फसल लगाई थी। करीब 2200 एकड़ मक्की की बिजाई की गई थी, जोकि कीड़ा लगने के कारण खराब हो चुकी है। मोर्चे के नेताओं ने कहा कि, घटिया क्वालिटी के बीज की वजह से भी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि, मक्की की फसल की एमएसपी 1850 रुपए प्रति क्विंटल है, लेकिन किसानों को 900 रुपए रेट प्रति क्विंटल दिया जाता है। यदि पंजाब सरकार ने मुआवजा नहीं दिया तो कांग्रेस को भी भाजपा के साथ जोड़ा जाएगा और कांग्रेस नेताओं को गांवों में घुसने नहीं दिया जाएगा।

किसानों ने ऐसे बयां किया दर्द
रोपड़ में एक गांव सर्थली के किसान अवतार सिंह बोले कि, हमने 4 एकड़ में मक्के की फसल की बिजाई की थी और 4 किलो बीज की एक थैली 1300 रुपए में खरीदी थी। हमने ऐसी कुल 8 थैली बीज की खरीद की थी। जिसके बाद 4 बोरी खाद भी खेत में डाली और 3 बार कीटनाशक स्प्रे भी किया, लेकिन हमारी फसल खराब ही हो गई।' इसी तरह गांव अबियाणा कलां के किसान कुलवंत सिंह ने कहा कि, ''हमने ठेके पर जमीन ली हुई है और 8 कनाल में मक्का की फसल बोई थी। पहली बार बीज खराब होने पर फिर दोबारा से बुआई करनी पड़ी, लेकिन कीड़ा लगने से हमारी भी पूरी फसल खराब हो गई।

यह बोले खेती-बाड़ी विकास अफसर
किसानों का धरना शुरू होने पर क्षेत्र के खेती-बाड़ी विकास अफसर दविंदर सिंह का बयान आया है। दविंदर ने कहा कि, किसानों के मुआवजा फार्म देखे गए हैं। उन्होंने कहा कि, अभी उच्चाधिकारी खेतों में फसल का जायजा लेने गए हुए हैं। जल्द ही गिरदावरी के लिए गांवों में टीमें भेजी जाएंगी और जरूरी कार्यवाही की जाएगी।












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