पंजाब: कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सिद्धू ने अपनी ही सरकार पर फिर उठाया सवाल, बोले- क्यों नहीं दायर की SLP
चंडीगढ़। पंजाब के कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने हाईकोर्ट द्वारा राज्य के पूर्व पुलिस प्रमुख सुमेध सिंह सैनी को दी गई ब्लैंकेट-बेल को रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर नहीं करने को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाया। नवजोत सिंह सिद्धू ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए, यह भी टिप्पणी की कि विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दाखिल नहीं करना सत्तारूढ़ सरकार की एक चाल थी, जिससे कि 'देरी होती'।

देरी के लिए अदालतों को दोषी नहीं ठहरा सकते
सिद्धू ने कहा, "देरी के लिए अदालतों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि वे पुलिस द्वारा पेश की गई जांच रिपोर्ट पर ही काम करते हैं।" वहीं, उन्होंने अपनी पार्टी के सहयोगी और नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर अपना हमला जारी रखा, उस प्ररिक्षेप्य में जब वह 2015 के बेअदबी मामलों की जांच को लेकर निशाना साध रहे हैं। दरअसल, अक्टूबर 2015 में, जब पूरे पंजाब से बेअदबी की घटनाओं की सूचना मिली थी, तब सैनी राज्य में पुलिस बल के प्रमुख थे। प्रदर्शनकारियों के सड़कों पर उतरने के दरम्यान, पुलिस ने कोटकपूरा और बहबल कलां में गोलियां चलाईं, जिसके परिणामस्वरूप दो आंदोलनकारी मारे गए थे।

सैनी को अब राहत मिलेगी?
यह मामला अदालत पहुंचा, हालांकि, अब उच्च न्यायालय के आदेश से सैनी के खिलाफ बेअदबी हिंसा के मामलों में जांच भी ठप हो जाएगी, जिससे उन्हें और राहत मिलेगी। बता दें कि, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने 10 सितंबर को पंजाब पुलिस के पूर्व डीजीपी सैनी को उनके खिलाफ दर्ज विभिन्न आपराधिक मामलों के संबंध में जमानत दे दी थी। अदालत के निर्देशों के अनुसार, पूर्व पुलिस अधिकारी को फरवरी 2022 तक गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है, उस समय राज्य में चुनाव होने की संभावना है।

ऐसे गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान की
सिद्धू ने इन मामलों की जांच को लेकर बार-बार पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह पर निशाना साधा, जिनके सितंबर में इस्तीफे ने चन्नी की पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त किया था। तब से, उन्होंने इस प्रकरण में उनकी संबंधित भूमिकाओं को लेकर पंजाब के नए महाधिवक्ता, एपीएस देओल और नए डीजीपी, इकबाल सिंह सहोता को भी निशाना बनाया है। वास्तव में, देओल ने उच्च न्यायालय में सैनी का प्रतिनिधित्व किया, जिसने अंततः बाद में गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान की।












Click it and Unblock the Notifications