वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर बोले पंजाब के CM भगवंत मान, कहा-'इस प्रस्ताव के पीछे कोई छिपा हुआ मकसद'
Punjab News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार के वन नेशन, वन इलेक्शन प्रस्ताव पर संशय व्यक्त किया है। सीएम भगवंत मान ने भाजपा नीत केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वह दो राज्यों में भी एक साथ चुनाव कराने में असमर्थ है और इस प्रस्ताव के पीछे कोई छिपा हुआ मकसद हो सकता है।
केंद्र सरकार के इरादों पर उठाए सवाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में वन नेशन, वन इलेक्शन के लिए विधेयकों को मंजूरी दी है। जिन्हें संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा। हालांकि पंजाब के मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के इरादों पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे वन नेशन, वन इलेक्शन की बात करते हैं। लेकिन वे दो राज्यों में एक चुनाव भी नहीं करा सकते हैं। इसका मतलब है कि उनके दिमाग में कुछ और है।

सीएम मान ने यह भी कहा कि यह प्रस्ताव छोटे और क्षेत्रीय दलों पर नकारात्मक असर डाल सकता है। उनका मानना है कि इस तरह के चुनाव प्रणाली से इन दलों के मुद्दे नजर अंदाज हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि वे सिर्फ चाहते हैं कि लोग आएं और एक बार में वोट दें। लेकिन इस तरह के फैसले से लोकतंत्र की विविधता पर असर पड़ेगा।
महाराष्ट्र और झारखंड में चुनाव एक साथ क्यों नहीं
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हाल के विधानसभा चुनावों और उपचुनावों को असंगत चुनावी प्रथाओं के उदाहरण के रूप में पेश किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्यों महाराष्ट्र और झारखंड में चुनाव एक साथ नहीं कराए गए और झारखंड में 80 सीटों वाले चुनाव दो चरणों में क्यों कराए गए। मान का कहना था कि अगर केंद्र एकीकृत चुनाव प्रणाली की बात करता है तो उसे पहले इन असंगतियों को दूर करना चाहिए।
संसद में विपक्ष की आवाज दबाना गलत
भगवंत मान ने संसद में बार-बार होने वाले व्यवधानों पर भी चिंता जताई। उन्होंने विपक्षी नेताओं को बोलने का मौका दिए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। मान का कहना था कि विपक्ष की आवाज दबाना लोकतंत्र का अपमान है और यह आम लोगों की समस्याओं को सुलझाने में रुकावट डालता है।
अकाली नेता सुखबीर बादल पर हमला
अकाली नेता सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले के बारे में मान ने बताया कि पंजाब पुलिस ने इस घटना की जांच के लिए स्वर्ण मंदिर से वीडियो फुटेज प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से प्राप्त फुटेज का इस्तेमाल हमलावरों के इरादों को समझने के लिए किया जा रहा है।
संसद परिसर में AAP पार्टी के कार्यालय का दौरा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने संसद परिसर में आम आदमी पार्टी के कार्यालय का दौरा भी किया। इस दौरान उन्होंने अपने शुरुआती राजनीतिक दिनों को याद किया। जब वे पंजाब से AAP के अकेले सांसद थे और पार्टी का कोई कार्यालय नहीं था। मान ने इसे पार्टी के राजनीतिक सफर में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा। जो AAP की बढ़ती ताकत और प्रभाव का प्रतीक है।
भगवंत मान का यह बयान वन नेशन, वन इलेक्शन के प्रस्ताव पर चिंताओं को जन्म देता है। खासकर छोटे दलों और चुनावी असंगतताओं के संदर्भ में। इसके साथ ही उन्होंने संसद में विपक्ष की आवाज को दबाने पर भी सवाल उठाए और यह सुझाव दिया कि लोकतंत्र में सभी की आवाज महत्वपूर्ण होनी चाहिए।












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