अग्निपथ पर पंजाब के CM ने कसा तंज, बोले- देश के युवाओं को दे रहे धोखा, ये सेना का भी अपमान है
चंडीगढ़। केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना का देश के कई राज्यों में व्यापक स्तर पर विरोध हो रहा है। विपक्षी दलों के नेता लगातार इसके जरिए सरकार पर निशाना साध रहे हैं। आज आम आदमी पार्टी की सरकार के अगुवा व पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी "अग्निपथ" पर सवाल उठाए। मान ने ट्वीट कर कहा कि, वे ऐसा फैसला तुरंत वापस लेने की मांग करते हैं।

मुख्यमंत्री मान ने कहा, "देश में 2 साल सेना में भर्ती रोकने के बाद केंद्र सरकार का नया फरमान आ गया है कि 4 साल सेना में रहो..! उसके बाद पेंशन भी न मिले। ये सेना का भी अपमान है। देश के युवाओं के साथ भी धोखा है। देशभर के युवाओं का गुस्सा, बिना सोचे-समझे लिए गए फैसले का नतीजा है। ये फैसला तुरंत वापस लेने की मांग करते हैं।"
वहीं, सरकार के पक्ष में बात करने वाले विशेषज्ञों ने अग्निपथ योजना को जरूरी बताया है। एक रक्षा विशेषज्ञ ने कहा कि, इजरायल और चीन की तरह ही भारत के अधिकांश युवाओं को मिलिट्री ट्रेनिंग में दक्ष बनाने के लिए प्रत्येक वर्ष 50 हज़ार अग्निपथ के अग्निवीरों की चार वर्ष के लिए बहाली का कांसेप्ट, एक दूरदर्शी व बहुत ही सराहनीय कदम है। इससे देश का हर नागरिक आने वाले समय में मिलिट्री ट्रेनिंग की दक्षता प्राप्त कर विषम परिस्थितियों में देश सेवा के लिए तैयार रहेगा। यह भी समझना जरूरी है कि केंद्र सरकार सेना का कोई पद समाप्त नहीं कर रही है, बल्कि उन पदों पर बेहतर और उत्कृष्ट लोगों की नियुक्ति के लिए ये प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले लोगों की गुणवत्ता की जांच की एक नई व बेहतर प्रक्रिया है। अग्निवीरों की बहाली ऑफिसर ग्रेड के नीचे के पदों पर ही होगी।
एक भाजपा नेता ने कहा कि, अग्निवीरों की 75% संख्या सिर्फ 25 वर्ष की उम्र में ही अग्निवीर के पद से सेवा-मुक्त हो जायेगी। जिससे उन्हें राज्य व केंद्र सरकार की दूसरी नौकरियों में जाने का पर्याप्त समय व अवसर भी मिलेगा, क्योंकि राज्य सरकार की नौकरियों में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों की उम्र सीमा 37 वर्ष व आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों की उम्र सीमा 42 वर्ष निर्धारित है। साथ ही इसी तरह से केंद्र सरकार की नौकरियों में भी वो निर्धारित उम्र सीमा तक नौकरी प्राप्त कर सकते हैं। 4 वर्षों के बाद 75% प्रशिक्षित अग्निवीर रिटायर होकर घर आ जाएंगे और 25% चुनिंदा लोग जो उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे। उनकी सेवा की गुणवत्ता के आधार पर उनकी सेवा पूर्णकालिक और नियमित कर दी जाएगी। यानी प्रत्येक वर्ष करीब 12500 उत्कृष्ट गुणवत्ता वाले नौजवान लोग हमारी सेना में नियमित पदों पर नियुक्त किये जायेंगे, जिससे देश की सेना की औसत उम्र सीमा 26 वर्ष हो जायेगी जो कि वर्तमान में 32 वर्ष है।
अग्निवीर की सैलरी
- साल पैकेज (मंथली ) हाथ में आएगा( 70% )
- 1st Year 30,000₹ 21,000₹
- 2nd Year 33,000₹ 23,100₹
- 3rd Year 36,500 ₹ 25,580₹
- 4th Year 40,000 ₹ 28,000₹
- अग्निवीर कॉर्पस फंड ( 30%)
4 साल बाद यानी सेवा-मुक्त होने के समय अग्निवीरों को 11.71 लाख रुपये सेवा निधि पैकेज (उपरोक्त राशि पर ब्याज सहित) दी जायेगी।












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