पंजाब: 'अल्पमत में अमरिंदर सरकार', AAP ने दी कैप्टन सरकार को बहुमत साबित करने की चुनौती

AAP के विधयाक जयकृष्ण सिंह रोड़ी ने कहा कि राज्यपाल वी.पी बदनौर से मुलाक़ात कर हम लोगों ने सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार को बहुमत साबित करने की चुनौती देते हुए ज्ञापन भी सौंपा है।

चंडीगढ़, अगस्त 27, 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव के दिन जैसे-जैसे नज़दीक आ रहे हैं वैस-वैसे पंजाब कांग्रेस की मुश्किले बढ़ती जा रही हैं। एक ओर नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा है कि अगर हक़ नहीं मिला तो ईंट से ईंट बजा देंगे। वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी (AAP) ने पंजाब कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस बाबत वन इंडिया हिंदी ने आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक जय कृष्ण रोड़ी से बात की उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों ने पंजाब के राज्यपाल वी.पी. सिंह बदनौर से मुलाकात की है।

Aam admi party gyapan

'कैप्टन करें बहुमत साबित'
AAP के विधयाक जयकृष्ण सिंह रोड़ी ने कहा

राज्यपाल वी.पी बदनौर से मुलाक़ात कर हम लोगों ने सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार को बहुमत साबित करने की चुनौती देते हुए ज्ञापन भी सौंपा है। हम लोगों ने विधानसभा सत्र बुला कर फ़्लोर टेस्ट की मांग की है। विधानसभा सत्र में पंजाब के मुद्दों पर भी बात की जाए और कैप्टन अमरिंदर सिंह अपना बहुमत साबित करें। उन्होंने कहा कि जितनी भी कैबिनेट की मीटिंग होती है उसमें कांग्रेस के ज़्यादातर मंत्री शामिल नहीं होते हैं। जो मंत्री कैबिने मीटिंग में मौजूद रहते हैं वह बाहर निकल कर बयान देते हैं कि कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब के लोगों का भरोसा खो चुके हैं, इन्हें मुख्यमंत्री के पद से हटना चाहिए।

जयकृष्ण सिंह रोड़ी ने कहा कि जो डिनर डिप्लोमेसी की है। उसमें भी सभी विधायक उनके साथ खड़े नहीं हुए। आज नवजोत सिंह सिद्धू भी अपना हक मांग रहे हैं उनके पास भी कोई नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि अगर बाग़ी मंत्रियों और विधायकों को कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई मंजूर हैतो इससे साफ़ ज़ाहिर होता है के बाग़ी नेता सिर्फ़ और सिर्फ़ कुर्सी के लिए लड़ रहे हैं।

अमरिंदर सिंह सरकार अल्पमत में- चीमा
प्रतिनिधिमंडल में मौजूद हरपाल सिंह चीमा ने कहा

कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार अल्पमत में है। इसलिए उन्होंने राज्यपाल से पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह अगले सात दिनों में बहुमत साबित करें नहीं तो मौजूदा सरकार को तत्काल भंग कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर बागी कांग्रेसी पंजाब को बचाना चाहते हैं तो उन्हें देहरादून या दिल्ली जाने की जरूरत नहीं है, वे राजधानी में राजभवन जाकर ही पंजाब को बचा सकते हैं।

इसके लिए उन्हें राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपकर कैप्टन के खिलाफ विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाना होगा।

'बाग़ी नेता स्पष्ट करें वो किसके साथ'
चीमा ने कहा कि पंजाब को बचाने के नाम पर अपने ही मुख्यमंत्री के खिलाफ बगावत करने वाले मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सुखजिंदर सिंह रंधावा, चरणजीत सिंह चन्नी और सुखबिंदर सिंह सरकारिया, विधायक तथा पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू को अपना स्टैंड स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वे पंजाब को बर्बाद करने वाले कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ हैं या पंजाब और पंजाबियों के साथ, क्योंकि हरीश रावत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ही मुख्यमंत्री बने रहेंगे तथा 2022 का चुनाव भी कैप्टन के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। आपको बता दें कि राज्यपाल से मुल़ाक़ात के दौरान प्रतिनिधिमंडल में हरपाल सिंह चीमा, विधायक अमरजीत सिंह संदोआ और जय कृष्ण सिंह रोड़ी, जगतार सिंह संघेड़ा और मलविंदर सिंह भी शामिल थे।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+