पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले क्या कम होने लगी CM चन्नी की लोकप्रियता, जानिए क्या है पूरा मामला

पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र सभी सियासी पार्टियां मतदाताओं को लुभाने के लिए विभिन्न रणनीतियों के तहत प्रचार प्रसार में जुटी हुई हैं।

चंडीगढ़, 17 दिसंबर 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र सभी सियासी पार्टियां मतदाताओं को लुभाने के लिए विभिन्न रणनीतियों के तहत प्रचार प्रसार में जुटी हुई हैं। वहीं पंजाब के मुखयमंत्री भी लगातार घोषणाएं करते हुए अपने द्वार किए वादों को अमलीजामा पहनाने की पुरज़ोर कोशिश कर रहे हैं। चरणजीत सिंह चन्नी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से जो अपनी आम आदमी वाली छवी बनाई उसे पंजाब की जनता खूब सराह रही थी। सियासी गलियारों में यह चर्चाएं ज़ोरों पर थीं कि सीएम चन्नी अपनी दम पर कांग्रेस की पंजाब की सत्ता में वापसी करा सकते हैं। लेकिन विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अब पंजाब में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की लोकप्रियता घटने लगी है।

सरकार का कार्यकाल हो रहा है ख़त्म

सरकार का कार्यकाल हो रहा है ख़त्म

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पंजाब की जनता के लिए सौगातों की झड़ी लगा दी इसके बावजूद अब लोगों के बीच उनकी तुलना अन्य राजनेताओं से की जाने लगी है। सियासी गलियारों में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि चरणजीत सिंह चन्नी ने जब मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। संज्ञान में आते ही जनता के हर मसले का का हल तुरंत करने के देश देते थे, लेकिन अब तो अपनी मांगें मानने पर सरकार लाठीचार्ज करवा रही है। चन्नी सरकार का अचानक से रवैय्या क्यों बदल गया है। वहीं स्थानीय लोगों ने चन्नी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी अन्य नेताओं की तरह चुनावी घोषणाएं कर रहे थे। अब उन्होंने देख लिया है की कार्यकाल ख़त्म होने वाला है, इसलिए उन्होंने नक़ाब उतारते हुए अपना असली चेहरा दिखा दिया है।

रैली स्थल में नहीं जुटी भीड़

रैली स्थल में नहीं जुटी भीड़

स्थानीय लोगों का कहना है कि पंजाब की जनता समझ चुकी है कि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी अन्य नेताओं की तरह दोहरी चरित्र के मालिक हैं। सीएम पद की शपथ लेते वक्त उन्हें सियासत चमकानी थी तो वह जनता के हितों में फ़ैसले ले रहे थे अब कार्यकाल ख़त्म होने वाला है तो लाठीचार्ज करवा रहे हैं। ग़ौरतलब है कि पिछले दिनों सीएम चरणजीत सिंह चन्नी की गुरदासपुर में रैली थी। सीएम चन्नी रैली में शामिल होने पहुंचे तो उन्हें पंडाल ख़ाली होने की खबर मिली। जिसके बाद वह रैली स्थल जाने का प्लान रद्द करते हुए हेलीपैड से ही अपने रिश्तेदारों से मिलने उनके घर चले गए। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को इससे पहले भी अपनी कई रैलियों के दौरान में बेरोज़गार शिक्षकों के विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ चुका है।

पुलिस और शिक्षकों के बीच झड़प

पुलिस और शिक्षकों के बीच झड़प

आपको बता दें कि कांग्रेस पार्टी की तरफ़ से विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र गुरदासपुर में चुनावी रैली करने का फैसला लिया गया था। रैली में 12 बजे मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को 12 बजे पहुंचना था। सीएम चन्नी अपने तय वक्त के मुताबिक गुरदासपुर पहुंच गए थे। गुरदासपुर पहुंचने के बाद हेलीपैड पर ही मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को रैली स्थल खाली होने की जानकारी मिली। रैली के लिए पंडाल में लगाई गई कुर्सियां तक खाली पड़ी थीं। इन सब बातों की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने अपने प्लान को रद्द कर दिया और अपने रिश्तेदारों से मुलाक़ात करने पहुंच गए। इससे पहले भी सीएम चन्नी खरड़ में रैली करने पहुंचे थे जहां उन्हें मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास करना था। लेकिन बेरोज़गार शिक्षकों ने अपनी मांगों के लेकर सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इस दौरान पुलिस और शिक्षकों के बीच झड़प भी हो गई थी।


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