पंजाब: नवजोत सिंह सिद्धू ने वापस लिया अपना इस्तीफा, लेकिन रखी ये शर्त
चंडीगढ़, 05 नवंबर: पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी कलह खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। कांग्रेस नेता नवोजत सिंह सिद्दू पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर लगातार हमलावर हैं। इसी बीच शुक्रवार को पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। नवजोत सिंह सिद्धू ने हालांकि कामकाज संभालने के लिए शर्त रख दी है। इस्तीफा वापस लेते हुए नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि नए एडवोकेट जनरल के बनते ही कांग्रेस दफ्तर जाकर चॉर्ज संभाल लूंगा।
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नवजोत सिंह सिद्धू की ओर से चंडीगढ़ में आज प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई थी। मीडिया को संबोधित करते हुए नवजोत सिद्धू ने खुद अपना इस्तीफा वापस लेने की जानकारी दी। सिद्धू ने कहा कि, कांग्रेस अध्यक्ष, राहुल और प्रियंका जी के इस सिपाही ने अपना इस्तीफ़ा वापस ले लिया है। जिस दिन नए एजी और डीजीपी बनेंगे और नया पैनल आ जाएगा, मैं उस दिन ऑफिस जाकर अपना कार्यभार सभालूंगा।
सिद्धू ने कहा, पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी के लिए मैं अपना इस्तीफा वापस ले रहा हूं। सिद्धू ने भले ही प्रधान पद से इस्तीफा वापस ले लिया है, लेकिन कई मुद्दों में पर उन्होंने चन्नी सरकार को आइना दिखाया। कहा कि वर्ष 2017 में दो मुद्दों पर पुरानी सरकार गई और नई आई थी। अब फिर नए सीएम आए हैं उनके सामने भी वही चुनौतियां बरकरार हैं। उन्होंने सीएम चन्नी पर एक के बाद एक कई आरोप लगाए।
सिद्धू ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामलों के वक्त जो तत्कालीन डीजीपी सुमेध सिंह सैनी थे, उनकी पैरवी करने वाले वकील को एडवोकेट जनरल लगा दिया गया। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी ही सरकार और नवनियुक्त सीएम चरणजीत सिंह चन्नी पर बड़ा हमले करते हुए पूछा कि पिछले 50 दिनों में इस सरकार ने मुख्यमंत्री बदलने के बाद से ड्रग्स मामले में हाई कोर्ट में बंद पड़ी एसटीएफ की रिपोर्ट को खुलवाने और गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामलों के इंसाफ के लिए क्या किया?
सिद्धू ने आगे कहा कि, मैं उनसे (सीएम) लंबे समय से मिल रहा हूं। मैं उनसे पिछले 1 महीने से बात कर रहा हूं। पहली बैठक पंजाब भवन में थी, उस समय बात यह थी कि पैनल (डीजीपी पर) आएगा और एक हफ्ते में चीजें तय हो जाएंगी। 90 दिन की सरकार है, 50 दिन हो गए हैं। व्यक्तिगत कुछ भी नहीं है। मैं उनसे राज्य के लिए बात करता हूं। राज्य के लिए जो भी अच्छा किया जा सकता है, उसके लिए मैं उनसे बात करता हूं। मेरा चरणजीत चन्नी से कोई मतभेद नहीं है, बिल्कुल भी नहीं। मैं जो कुछ भी करता हूं पंजाब के लिए करता हूं। मैं पंजाब के लिए खड़ा हूं। पंजाब मेरी आत्मा है। यही मेरा लक्ष्य है।












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