Ludhiana: टीचर ने LKG छात्र को दो दिन तक किया थर्ड डिग्री टॉर्चर, शरीर पर मिले दर्दनाक निशान, आरोपी गिरफ्तार
लुधियाना में एक शिक्षक ने एलकेजी छात्र को कथित तौर पर दो दिनों तक लगातार प्रताड़ित किया। बताया जा रहा है कि आरोपी टीचर ने छड़ी से बेरहमी से पीटा। जिससे बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। कथित तौर पर एक स्कूली छात्र द्वारा बनाई गई घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद, लुधियाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज किया, जिसकी पहचान शेरपुर कलां निवासी श्री भगवान के रूप में हुई। बाद में शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बच्चे ने गलती से दूसरे छात्र को पेंसिल ले ली थी। जब टीचर को इसकी जानकारी हुई, तो उसने कथित तौर पर सजा के तौर पर बच्चे को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दो छात्र पीड़ित को हाथ और पैर से हवा में उठाए हुए हैं। वहीं, टीचर छात्र को पीट रहा है। कभी पैर तो कभी पैर के तलवों पर छड़ी से वार करता नजर आ रहा है।

पीड़ित की मां ने लगाए ये आरोप
वहीं, पीड़ित बच्चे की मां के मुताबिक, 19 सितंबर को उसका बेटा सुबह 11 बजे स्कूल से लौटा तो रो रहा था। ठीक से चल भी नहीं पा रहा था। वजह पूछने पर बताया कि टीचर ने उसे अपने कार्यालय में बंधक बनाकर छड़ी से बेरहमी से पीटा। बेटे के शरीर पर चोट के निशान मिले। टीचर से घटना के बारे में पूछताछ करने पीड़ित बच्चे की मां स्कूल पहुंची। टीचर ने पुलिस से शिकायत करने पर उसके बेटे को स्कूल से निकालने की धमकी दी।
इसके बाद 20 सितंबर को जब उसका बेटा दोबारा स्कूल गया, तो आरोपी टीचर ने उसे दोबारा अपने कार्यालय में ले जाकर डंडों से बुरी तरह पीटा। पीड़ित की मां ने बताया कि जब बेटे ने दोबारा टीचर द्वारा डंडे से पीटने की बात बताई तो, तुरंत अपने बेटे की मेडिकल जांच के लिए सिविल अस्पताल गई और पुलिस को सूचित किया।
पुलिस ने आरोपी टीचर को किया गिरफ्तार
एसीपी जतिंदर सिंह ने कहा कि वायरल वीडियो पर स्वत: संज्ञान लेते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और स्कूल शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया। शिक्षक के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 342, 506 और किशोर अधिनियम की धारा 75, 82 के तहत मामला दर्ज किया गया। जिला बाल संरक्षण अधिकारी रश्मि ने बच्चे के घर और स्कूल का भी दौरा किया।
पंजाब मानवाधिकार आयोग ने सीपी लुधियाना को नोटिस दिया
इस बीच, पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग की प्रमुख न्यायमूर्ति निर्मलजीत कौर ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए सुनवाई की अगली तारीख यानी 30 नवंबर तय की। उससे पहले लुधियाना के पुलिस आयुक्त से रिपोर्ट मांगी। पीएचआरसी नोटिस में कहा गया है कि प्रिंसिपल और स्टाफ निजी स्कूल ने एलकेजी में पढ़ने वाले एक बच्चे को इसलिए थर्ड डिग्री टॉर्चर दिया, क्योंकि उसने साथी छात्र को पेंसिल ले ली थी। उसी स्कूल के किसी छात्र ने इस घटना को रिकॉर्ड कर लिया।












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