Jalandhar Lok sabha Bypolls: जालंधर में उपचुनाव संपन्न, 52.5 फीसदी वोटिंग दर्ज
Jalandhar Lok sabha Bypolls: कांग्रेस सांसद के निधन के बाद खाली हुई जालंधर लोकसभा सीट पर वोटिंग पूरी हो गई है। कांग्रेस के सामने अपने गढ़ को बचाने की चुनौती है।

Jalandhar Lok sabha Bypolls: पंजाब की जालंधर लोकसभा सीट पर उपचुनाव के लिए वोटिंग पूरी हो गई है। कांग्रेस सांसद संतोख सिंह चौधरी के निधन की वजह से यह सीट खाली हुई थी। जालंधर में कांग्रेस की भारत जोड़ोयात्रा के दौरान उनका दिल का दौरा पड़ने से इसी साल फिल्लौर में जनवरी माह में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। शाम 6 बजे तक जालंधर में 52.5 फीसदी वोटिंग रिकॉर्ड की गई।
इससे पहलेदोपहर 3 बजे तक 40.62 प्रतिशत वोटिंग हुई थी, जबकि दोपहर एक बजे तक 30.93 फीसदी मतदान दर्ज किया गया जालंधर लोकसभा सीट पर कांग्रेस, भाजपा, आम आदमी पार्टी और शिरोमणी अकाली दल के उम्मीदवार मैदान में हैं। चुनावी मैदान में कांग्रेस की ओर से करमजीत कौर जोकि संतोख चौधरी की पत्नी हैं मैदान में हैं। साथ ही पूर्व विधायक सुशील रिंकू, इकबाल सिंह अटवाल मैदान में हैं।
पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है ऐसे में पार्टी को उम्मीद है कि उसके उम्मीदवार को इस चुनाव में जीत मिलेगी। आम आदमी पार्टी के लिए इस सीट पर जीत जरूरी है क्योंकि इस चुनाव को आम आदमी पार्टी की सरकार के एक साल के कार्यकाल का टेस्ट माना जा रहा है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी सिबिन सी ने बताया कि जालंधर में कुल 16 लाख 21 हजार 759 मतदाता हैं। जबकि चुनावी मैदान में कुल 19 उम्मीदवार हैं। कड़ी सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं।
मतदान से पहले पंजाब पुलिस ने कई जगह पर छापेमारी की थी, इस दौरान पुलिस ने अवैश शराब और अन्य सामग्री कोजब्त किया था। छापेमारी में हेरोइन भी पकड़ी की गई थी। कुल 22 केस इस मामले में दर्ज हुए हैं।
कांग्रेस को उम्मीद है कि वह इस सीट पर जीत दर्ज केगी। वहीं सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने इस चुनाव में अपनी पूरी ताकत लगाई है। भाजपा और शिरोमणि अकाली दल ने भी जबरदस्त प्रचार किया है।
चुनाव में कांग्रेस की ओर से दिवंगत संतोख सिंह चौथरी की पत्नी करणजीत कौर, कांग्रेस छोड़ आप में आए पूर्व विधायक सुशील रिंकू आम आदमी पार्टी की ओर से, शिरोमणि अकाली दल छोड़ भाजपा में आए दलित सिख इंद्र इकबाल सिंह मैदान में हैं। जबकि सुखविंदर कुमार सुक्खी को अकाली दल ने अपना उम्मीदवार बनाया है।
चुनाव प्रचार में आम आदमी पार्टी ने कई विधायकों को, मंत्रियों को चुनाव प्रचार में उतारा था। यह सीट कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा बन गई है, उसके सामने अपने गढ़ को बचाने की चुनौती है। जालंधर लोक सभा सीट को पारंपरिक तौर पर 1999 के बाद कांग्रेस की माना जाता है। यहां कांग्रेस 1999 के बाद से जीतती आ रही है।













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