IMD Rain Alert: पंजाब-हिमाचल और हरियाणा में आज से कहर बरपाएगा मौसम, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट
IMD Red Alert: पंजाब और हरियाणा समेत कई राज्यों में शनिवार से बुधवार तक रिकॉर्ड तोड़ बारिश होने वाली है। मौसम विभाग (IMD) ने इसे 'अत्यंत अनोखी' घटना बताया है, क्योंकि तीन बड़ी मौसमी ताकतें (पश्चिमी विक्षोभ, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी) एक साथ मिलकर असर डालने वाली हैं।
अधिकारियों ने रेड अलर्ट जारी किया है, जिसका मतलब है कि एक दिन में 21 सेंटीमीटर से ज़्यादा भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही तूफ़ान, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की भी आशंका है। बचाव टीमें तैयार कर दी गई हैं, और लोगों से कहा गया है कि वे अगले कुछ दिन बहुत ज़्यादा सावधान रहें।

पंजाब में कब से कब तक रहेगी मुसीबत?
पंजाब के लिए यह चेतावनी इसलिए ज़्यादा गंभीर है, क्योंकि यहां मानसून में पहले ही 41% ज़्यादा बारिश हो चुकी है। अब यह ट्रिपल अटैक राज्य में बाढ़ का ख़तरा और बढ़ा सकता है।
- भारी बारिश का समय: ऐसा पूर्वानुमान है कि बारिश रविवार से शुरू होकर बुधवार तक चलेगी, लेकिन सोमवार को सबसे ज़्यादा ज़ोरदार होगी।
- पश्चिमी विक्षोभ का असर पंजाब और राजस्थान तक पहुंचेगा, जिससे बारिश की रफ़्तार बहुत तेज़ हो जाएगी।
- जरूरी सलाह: गैर-ज़रूरी यात्रा से बचें, क्योंकि सड़कों पर पानी भर सकता है। प्रशासन की चेतावनियों को नज़रअंदाज़ न करें।
हरियाणा और चंडीगढ़: तूफ़ान और पानी की तेज़ मार
हरियाणा और चंडीगढ़ को भी इस मौसमी बदलाव से जूझना पड़ेगा। यहां भी शनिवार को ताजा पश्चिमी विक्षोभ आएगा, जो पूरे क्षेत्र में नमी लाएगा।
- IMD ने हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के आस-पास के इलाक़ों में बहुत ज़्यादा बारिश की आशंका जताई है।
- गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और ओले गिरने की भी चेतावनी है।
- जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घर के ज़रूरी सामान (जैसे खाने-पीने का सामान) जुटा लें और मौसम की जानकारी लेते रहें।
What is Western Disturbance: पश्चिमी विक्षोभ क्या है?
यह एक तरह का तूफान या मौसम में बदलाव लाने वाला सिस्टम है जो भूमध्य सागर (Mediterranean Sea) में बनता है।
- यह भूमध्य सागर और अटलांटिक महासागर के कुछ हिस्सों में पैदा होता है।
- यह सिर्फ एक गर्म हवा और नमी वाला क्षेत्र होता है, कोई बड़ा बवंडर नहीं।
- यह हवा और नमी का सिस्टम पश्चिम की दिशा से (ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान होते हुए) भारत में प्रवेश करता है।
- भारत में यह आमतौर पर उत्तर-पश्चिम के राज्यों, जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली को प्रभावित करता है।
इसका असर क्या होता है (Its Effect)
- सर्दियों में यह सबसे ज़्यादा एक्टिव रहता है। यह उत्तर भारत के पहाड़ों में बर्फबारी (Snowfall) और मैदानी इलाकों में बारिश लाता है।
- इसकी वजह से रात का तापमान थोड़ा बढ़ जाता है, लेकिन बारिश के बाद ठंडक फिर बढ़ जाती है।












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