चरणजीत सिंह चन्नी को CM का चेहरा बनाने के लिए राहुल गांधी ने कैसे बांधी भूमिका ? जानिए

लुधियाना, 6 फरवरी: कांग्रेस ने रविवार को पंजाब में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को ही कांग्रेस के सीएम का चेहरा घोषित कर दिया है। इसकी घोषणा पार्टी नेता राहुल गांधी ने की है। कांग्रेस ने नवजोत सिंह सिद्धू और चन्नी में से किसी एक को पार्टी चेहरा के तौर पर पेश करने के लिए टेलीपोल करवाया है। उसी आधार पर यह घोषणा किए जाने का दावा किया गया है। लेकिन, राहुल के लिए यह घोषणा करना आसान नहीं था। सिद्धू सीएम बनने की अपनी इच्छा जाहिर करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे थे।

राजनेता 10-15 दिन में पैदा नहीं होते-राहुल

राजनेता 10-15 दिन में पैदा नहीं होते-राहुल

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को अगले सीएम के चेहरे के तौर पर पेश करने की घोषणा का काम इतना आसान नहीं था। उनके मुकाबले पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू थे। हालांकि, पार्टी ने आम आदमी पार्टी की तरह टेलीपोल का ही सहारा लिया है। लेकिन, जिस तरह से राहुल ने भूमिका बांधी उससे जाहिर हो रहा था कि काम आसान नहीं था। वैसे सिद्धू ने पहले कहा था कि जो भी फैसला होगा उन्हें मान्य होगा। हालांकि, फिर भी सिद्धू, सिद्धू ही हैं। राहुल ने लुधियाना में वर्चुअल रैली के दौरान कहा, 'राजनेता 10-15 दिन में पैदा नहीं होते, टेलीविजन पर बहस करके नेता नहीं बनते।' यह सब चन्नी के नाम की घोषणा से पहले उनके शब्द थे।

राहुल गांधी ने घोषणा के लिए कैसे बांधी भूमिका ?

राहुल गांधी ने घोषणा के लिए कैसे बांधी भूमिका ?

फिर राहुल गांधी ने यहां से शुरुआत की कि 'इसके बारे में मैंने फैसला नहीं लिया है। मैंने इसके बारे में पंजाब के लोगों, युवा, वर्किंग कमिटी के सदस्यों से पूछा है.......मेरा एक विचार हो सकता है, लेकिन आपका विचार मुझसे ज्यादा महत्ववपूर्ण है......पंजाबियों ने हमसे कहा था कि हमें ऐसा व्यक्ति चाहिए जो गरीब को समझ सकता है।' फिर उन्होंने कहा कि पार्टी में 'नेताओं को विकसित करने की व्यवस्था है...' उन्होंने अपना उदाहरण रखने की कोशिश की, जिसे माना जा रहा है कि वह सिद्धू को संदेश देना चाह रहे थे। वो बोले, 'मैं 2004 से राजनीति में हूं.....मैंने पहले उतना नहीं सीखा था, जितना कि पिछले 6 या 7 वर्षों में सीखा है। जो लोग समझते हैं कि राजनीति आसान है, वह गलत हैं। कमेंटेटर तो बहुत से हैं, लेकिन किसी नेता को बनाना आसान नहीं है।' गौरतलब है कि सिद्धू 13 साल तक बीजेपी में रहने के बाद 2017 के चुनाव से कुछ पहले ही कांग्रेस में शामिल हुए थे।

चन्नी गरीब की आवाज हैं- राहुल गांधी

चन्नी गरीब की आवाज हैं- राहुल गांधी

फिर उन्होंने सीएम चन्नी के बैकग्राउंड का अपने हिसाब से बखान शुरू किया। उन्होंने कहा, 'चन्नी एक गरीब परिवार के बेटे हैं। वह गरीबी को समझते हैं। क्या आपने इनमें कोई अहंकार देखा है? ये जाते हैं और लोगों से मिलते हैं......चन्नी गरीब की आवाज हैं।' चन्नी की तारीफ करने के लिए उन्होंने बीजेपी के दो स्टार प्रचारकों से उनकी तुलना करने की भी कोशिश की। उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि 'मोदी जी प्रधानमंत्री हैं, योगी जी मुख्यमंत्री हैं। क्या आपने पीएम मोदी को लोगों से जाकर मिलते देखा है? क्या आपने पीएम मोदी को सड़क पर किसी की मदद करते देखा है? पीएम मोदी एक राजा हैं, वो किसी की मदद नहीं करेंगे।' जबकि, सिद्धू के बारे में वो बोले, 'वो भावुक हैं। तो क्या हुआ ?'

'मेरे साथ शोपीस जैसा बर्ताव न करें'

'मेरे साथ शोपीस जैसा बर्ताव न करें'

सिद्धू ने अपने भाषण में माना था कि उन्होंने 'पहले ही राहुल गांधी के फैसले पर सहमति दे दी है।' वो बोले, 'अगर आप मुझे फैसले लेने की भी शक्ति नहीं देते हैं तो भी मैं अगले मुख्यमंत्री का समर्थन करूंगा।' लेकिन, इसके साथ ही उन्होंने एक लाइन कह दिया कि वो हमेशा पंजाब के कल्याण की बात करेंगे और 'मेरे साथ शोपीस जैसा बर्ताव न करें ।' जो भी राहुल गांधी फिलहाल सिद्धू और चन्नी दोनों को उनकी भूमिका के बारे में समझाने में सफल हुए हैं।

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