हाईकोर्ट ने रेप केस में पंजाब के पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह को दी राहत, बरनाला जेल से जमानत पर होंगे रिहा
पंजाब में लोक इंसाफ पार्टी के प्रमुख व पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस को हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। अदालत ने उनकी जमानत मंजूर कर ली है।

महिला के साथ दुष्कर्म के आरोप झेल रहे पंजाब के पूर्व विधायक व लोक इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष सिमरजीत सिंह बैंस को हाईकोर्ट बड़ी राहत दी है। मामले में हाईकोर्ट सिमसरजीत बैंस को जमानत देने का आदेश दिया है। इससे पहले हाल ही में उच्च न्यायालय ने सिमरजीत हत्या के प्रयास से जुड़े एक मामले में नियमित जमानत दी थी।
15 दिन के लिए मिली जमानत
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अनूप चितकारा सिमरजीत सिंह बैंस (Simarjeet Singh Bains) की जमानत का आदेश दिया। न्यायमूर्ति चितकारा ने बैंस को सभी लाइसेंसी हथियार, गोला-बारूद सभी सरेंडर करने का आदेश दिया। पूर्व एमएलए को जेल से 15 दिन के लिए जमानत दी गई है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जमानत के समय बैंस किसी भी माध्यम से मानसिक या फिर शारीरिक रुप से पीड़िता को परेशान नहीं करेंगे।
अनिश्चित वित्तीय स्थिति का फायदा उठाने का आरोप
मामले में न्यायमूर्ति चितकारा ने नोट किया कि पीड़िता की कोविड- 19 महामारी के दौरान निश्चित वित्तीय स्थिति खराब हो गई थी। बाद में वो अपने बैंक लोन की किस्तों को नहीं अदा कर सकी थी। महिला ने कोर्ट को बताया कि बैंस ने कई बार उस पर दबाव डालकर संबंध बनाया था। मामले में याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि महिला ने बैंस पर उसकी अनिश्चित वित्तीय स्थिति का फायदा उठाने का आरोप लगाया, जो कि कोविड-19 महामारी के कारण खराब हो गई थी।
महिला ने लगाए ये आरोप
महिला ने अदालत को बताया कि अगस्त 2020 में बैंस ने उसे अपने कार्यालय में बुलाया और केबिन में उसके साथ बलात्कार किया। पीड़िता का कहना था कि वह असहाय थी और वह विरोध नहीं कर सकती थी क्योंकि आरोपी ने उसे वित्तीय मदद का वादा किया था। महिला अपने घर का मासिक किराया भी अदा करन में समर्थ नहीं थी। महिला ने आरोप लगाया कि बैंस ने उसे अपने कार्यालय और अन्य स्थानों पर बुलाया और उसके साथ 10-12 बार सहवास किया।
अदालत ने क्या कहा?
बैंस की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि महिला ने आघात का कोई संकेत नहीं दिखाए। वो लंबे समय तक चुप रही। बैंस की जमानत याचिका पर सुनावाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि आरोपी (बैंस) के जांच को प्रभावित करने, सबूतों से छेड़छाड़ करने, गवाहों को डराने-धमकाने और न्याय से भागने की संभावना को विस्तृत और कड़ी शर्तों के साथ जमानत मंजूर की जाती है।
जुलाई 2021 का मामला
पंजाब में लोक इंसाफ पार्टी के प्रमुख और आत्म नगर के पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह के खिलाफ पिछले साल एक दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था। जिसमें कथित रूप से 44 वर्षीय महिला की शिकायत पर सिमरजीत सिंह बैंस के खिलाफ बलात्कार के आरोप में मामला दर्ज था। महिला ने पुलिस को दी गई तहरीत में कहा था कि वह एक संपत्ति विवाद के सिलसिले में आत्मनगर से विधायक रहे सिमरजीत सिंह बैंस के संपर्क में आई थी। महिला ने आरोप लगाया कि बैंस ने उसकी मदद करने के बहाने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया।
Recommended Video













Click it and Unblock the Notifications