पंजाब में किसान संगठन बने चन्नी सरकार के लिए चुनौती, अब इस मुद्दे पर खोला मोर्चा
घर वापसी के बाद किसान संगठन ने मिशन पंजाब की शुरूआत कर दी है। इसके तहत अब पंजाब के किसान कांग्रेस सरकार के 2017 विधानसभा चुनाव के दौरान के किए गए चुनावी वादे को पूरा करवाने की मांग कर रहे हैं।
चंडीगढ़, 15 दिसंबर 2021। घर वापसी के बाद किसान संगठन ने मिशन पंजाब की शुरूआत कर दी है। इसके तहत अब पंजाब के किसान कांग्रेस सरकार के 2017 विधानसभा चुनाव के दौरान के किए गए चुनावी वादे को पूरा करवाने की मांग कर रहे हैं। किसान संगठनों की मांग है कि किसानों की आत्महत्या करने वाले परिवारों को मुआवज़ा, क़र्ज़ माफ़ी और किसानों को नौकरी देने के वादे को सरकार पूरा करे। किसान संगठन ने इस बाबत पंजाब सरकार को कि अल्टीमेटम दे दिया है। इसके साथ ही किसानों ने चन्नी सरकार के खिलाफ़ मोर्चा खोलते हुए वादाख़िलाफ़ी का आरोप लगाया है। किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने चन्नी सरकार पर वादाखिलाफ़ी का आरोप लगाते हुए कि अब वह सीएम चन्नी की बुलाई किसी बैठक में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि चन्नी सरकार ड्रामा कर रही है।

'मीटिंग का करेंगे बॉयकॉट'
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने किसानों के मुद्दे पर 17 दिसंबर को बैठक बुलाई थी लेकिन बैठक की तारीख़ बदल कर 17 की जगह 20 दिसंबर कर दी गई। पंजाब सरकार की तरफ़ से यह कहा गया कि 17 दिसबर को किसानों की कुछ जत्थेबंदियां बैठक में शामिल नहीं हो सकती थी, इसलिए इस मीटिंग शिफ्ट किया गया है। वहीं कुछ किसान नेताओं ने बैठक की तारीख बदलने पर आपत्ति जाहिर की है। वहीं किसान नेता बलवीर सिंह राजेवाल ने कहा कि कुछ जत्थेबंदियों के नहीं आने का यह मतलब थोड़े ही है कि आप मीटिंग को ही टाल देंगे।इसके साथ ही उन्होंने नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कहा कि सीएम चन्नी की तरफ़ से बुलाई गई बैठक में हम शामिल नहीं और मीटिंग का बॉयकॉट किया जाएगा।

किसान नेताओं ने दी चेतावनी
किसान नेता बलबीर राजेवाल ने कहा कि उन्हें चन्नी सरकार की तरफ़ से मीटिंग का न्योता नहीं मिला है। बार बार मीटिंग की तारीख को बदला जा रहा है। बलबीर राजेवाल ने कहा कि पंजाब सरकार हम लोगों की बातों का नहीं मानना चाहती है। चुनाव नजदीक हैं इसलिए ये लोग ड्रामा कर रहे हैं। ग़ौरतलब है कि पंजाब के किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर अगले कुछ दिनों में चन्नी सरकार ने किसानों की मांगें पूरी नहीं की तो सरकार के खिलाफ़ आंदोलन शुरू कर सकते हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पहले ही किसानों के क़र्ज़माफ़ी को लेकर पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर क़र्ज़ माफ़ी में मदद करने की मांग कर चुके हैं।

'संघर्ष अभी ख़त्म नहीं हुआ है'
भारतीय किसान यूनियन पंजाब के पूर्व अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने घर वापसी के बाद किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि अभी संघर्ष ख़त्म नहीं हुआ है। पंजाब सरकार के कार्यकाल को खत्म होने में कुठ दिन ही बचे हैं। अभी किसानों के क़र्ज़ माफ़ी के मुद्दे समेत कई मामले अधर में हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री से इन सब मुद्दों पर हिसाब बराबर करना है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने आत्महत्या कर ली उनके परजिन आज भी मुआवज़ा मिलने के इंतज़ार में हैं। नौकरी देने का वाद किया गया था वो भी पूरा नहीं हुआ है। सियासी गलियारों में यह चर्चाएं ज़ोरों पर हैं कि सीएम चन्नी भी किसानों से किए गए अधूरे वादों से वाकिफ़ हैं, अगर उनके मुद्दे जल्द से जल्द नहीं सुलझाए गए तो आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को इसका ख़ामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
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