पंजाब सरकार की इस अनदेखी की वजह से आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को भुगतना पड़ सकता है खामियाज़ा
पंजाब में सियासी मेला लग चुका है, चुनावी साल में मतदाताओं को लुभाने के लिए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी घोषणाओं की झड़ी लगा रहे हैं।
चंडीगढ़, 1 दिसम्बर, 2021। पंजाब में सियासी मेला लग चुका है, चुनावी साल में मतदाताओं को लुभाने के लिए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी घोषणाओं की झड़ी लगा रहे हैं। जनता से किए वादों को अमलीजामा पहनाने की पुरज़ोर कोशिश कर रहे हैं। वहीं मोहाली (खरड़) में अस्थायी अध्यापक अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, सरकार की तरफ़ उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसी वजह से कॉन्ट्रैक्ट टीचर्स अब सड़कों को भी जाम करने लगे हैं। धरना प्रदर्शन कर रहे कांट्रैक्ट टीचरों की मांग है कि उन्हें स्थायी नौकरी दी जाए।

CM आवास के पास मोबाइल टॉवर पर चढ़े शिक्षक
कॉन्ट्रैक्ट टीचर्स अपनी मांगों को लेकर सीएम आवास का घेराव करने भी पहुंचे थे लेकिन बैरिकेड लगाकर उन्हें आधे रास्ते में ही रोक दिया गया था। इसी क्रम में पिछले बुधवार को मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के खरड़ स्थित निवास के पास एक मोबाइल टॉवर कई शिक्षक चढ़ गए हैं। मोबाइल टॉवर चढें शिक्षकों में महिलाएं भी शामिल हैं। माहौल काफ़ी तनावपूर्ण बना हुआ है फिलहाल मौके पर पुलिस को भी तैनात कर दिया गया है। इसके साथ ही शिक्षकों को नीचे उतारने की कोशिश की जा रही है।

अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे शिक्षक
कॉनट्रैक्ट टीचरों ने पिछले दिन (मंगलवार) को अपनी मांगों के लेकर चंडीगढ़- खरड़ हाईवे जाम कर दिया, टिचरों के साथ-साथ दूसरे कर्मचारी संगठनों ने द्वारा भी अपनी मांगों के लेकर हाईवे पर जाम कर दिया गया था। इसकी वजह से काफ़ी लम्बा ट्रैफिक जाम हो गया। जिसकी वजह से लोगों का काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा, कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी लंबी लाइने लग गई। शिक्षक देर शाम तक हाईवे पर डटे रहे। वहीं बुधवार को भी अलग अलग कर्मचारी संघठन सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शन किया। बता दें कि मोहाली में इन दिनों विभिन्न कर्मचारी संगठन सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।

चुनाव में भुगतना पड़ सकता है खामियाज़ा
पीटीआई शिक्षक पिछले करीब 3 महीने से मोहाली के सोहाना स्थित गुरुद्वारा सिंह शहीदां के पास स्थायी नौकरी की मांग को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं। उनके तीन साथी पानी की टंकी पर चढ़े हैं। इसके अलावा फेज-8 स्थित शिक्षा विभाग के कार्यालय के सामने स्थानी नौकरी की मांग कर रहे करीब 13 हज़ार टीचर्स भी पिछले 170 दिनों से धरने पर बैठे हैं। यहीं पर कंप्यूटर टीचर्स, मिड डे मील व सर्व शिक्षा अभियान दफ्तरी कर्मचारी भी सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। पंजाब के सियासी गलियारों में यह चर्चाएं तेज हैं कि जिस तरह से खरड़ में शिक्षक टॉवर पर चढ़े हुए हैं ठंड बढ़ रही है अगर कुछ अनहोनी हो जाएगी तो चुनावी साल में इसका ख़ामियाज़ा पंजाब कांग्रेस को भुगतना पड़ सकता है। कही ना कही विपक्षी दल इस मुद्दे को भुनाते हुए सत्ता पर क़ाबिज भी हो सकते हैं।
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