पंजाब: वोट बैंक को साधने के लिए SAD अपना रही अलग-अलग रणनीति, जानिए क्या हैं बादल के वादे ?
पंजाब विधानसभा चुनाव के दिन जैसे-जैसे करीब आरहे हैं वैसे-वैसे शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल अलग-अलग समुदाय के वोट बैंक को साधने के लिए घोषाएं शुरू कर दी हैं।
चंडीगढ़, अक्टूबर 20, 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव के दिन जैसे-जैसे करीब आरहे हैं वैसे-वैसे शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल अलग-अलग समुदाय के वोट बैंक को साधने के लिए घोषाएं शुरू कर दी हैं। हाल ही में सुखबीर सिंह बादल प्रवासी वोट बैंक को लुभाने के लिए घोषणा की। उन्होंने कहा की कि सत्ता में उनकी सरकार के आने के बाद प्रवासियों यूपी और बिहार से ताल्लुक ऱखने वाले मज़दूरों के खाते में दो हजार रुपये दिए जाएंगे। वहीं उन्होंने लुधियाना हलका साउथ में लोगों को संबोधित करते हुआ कहा कि छठ पूजा के लिए हलका साउथ में एक बड़ा प्रांगण भी तैयार किया जाएगा जहां पर लोग आसानी से छठ पूजा कर सकेंगे।

सुखबीर बादल की घोषणा
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने घोषणा की कि लुधियाना हलका साउथ एरिया में प्रवासियों के ठहरने के लिए एक धर्मशाला का निर्माण भी किया जाएगा। प्रवासियों को जब तक काम नहीं मिलेगा तब तक धर्मशाला में रह सकेंगे। वहीं सुखबीर सिंह बादल ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि शिरोमणि अकाली दल ने आटा-दाल, बिजली बिल 200 यूनिट माफ, स्कॉलरशिप, लड़कियों के लिए साइकिल, प्रवासी भलाई बोर्ड का गठन अपनी सरकार के समय किया था।

कांग्रेस सरकार पर आरोप
सुखबीर सिंह बादल ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में आते ही सबसे पहले राशन कार्ड ही बंद कर दिए। उन्होंने कहा कि यूपी-बिहार से आए हुए प्रवासियों की बदौलत ही हमारी फैक्ट्रियां चलती हैं। इसलिए सत्ता में आने के बाद प्रवासियों को सुविधाएं देना उनकी सरकार की प्राथमिकता होगी। सरकार बनने पर नीले कार्ड फिर से बनाए जाएंगे और आपके खाता में हर महीने दो हजार रुपये जमा किया जाएगा। इस्से पहले शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने अमृतसर में ओबीसी समुदाय को लुभाने के लिए घोषणाएं की थी। उन्होंने कहा था कि अकाली दल की सरकार बनने पर भगवान वाल्मीकि की याद में और डा.अम्बेडकर की याद में एक-एक विश्वविद्यालय बनाया जाएगा।

'विकास के लिए दिए थे 250 करोड़ रुपये '
श्री रामतीर्थ स्थित वाल्मीकि तीर्थ में अकाली-बसपा वर्करों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अकाली दल की सरकार ने ही श्री रामतीर्थ के विकास के लिए 250 करोड़ रुपये दिए थे। भगवान वाल्मीकि की लाखों रुपये की कीमती मूर्ति के लिए भी राशि पास की थी। आज तक कांग्रेस की सरकार ने कभी भी इस तीर्थ के विकास के लिए न तो गंभीरता दिखाई और न ही राशि खर्च की। उन्होंने कहा कि हरिमंदिर साहिब के पास विरासती मार्ग जैसे विभिन्न प्रतिष्ठित स्थानों के हालात देखते हुए यह बेहद जरूरी है कि सभी विरासती स्थलों और धार्मिक जगहों के नियमित रखरखाव के लिए एक विशेष कमेटी गठित की जाए, अकाली दल सत्ता में आने के बाद इन सभी मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देगी।

शिअद ने तैयार की रणनीति
शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि आटा-दाल और शगुन योजनाओं ने गरीबों की आर्थिक स्थिति में सुधार कर दिया था। अब हम तकनीकी संस्थानों में समाज के वंचित वर्गो के मेधावी छात्रों को 33 फीसद आरक्षण सुनिश्चित करके इनको पूरा करेंगे। राज्य में सरकार बनने पर उच्च अध्ययन के लिए 10 लाख रुपये का सुरक्षित कर्ज छात्रों को प्रदान किया जाएगा। गरीबों के घरों में डाक्टर पैदा करेंगे। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति व पिछड़ी जाति के सदस्यों को पांच-पांच लाख घर दिए जाएंगे। साथ ही उन्होंने 50 लाख रूपये अनुसूचित जाति की आबादी वाली पंचायतों को विकास कार्यो के लिए अनुदान देने की भी घोषणा की।
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