पंजाब: क्या पार्टी आलाकमान का सिद्धू से उठ गया भरोसा, इसलिए ही CM चन्नी को सौंपी ये ज़िम्मेदारी
पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र कांग्रेस आलाकमान ने रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। पंजाब में कांग्रेस की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं इसलिए आलाकमान आगामी विधानसभा में कोई चूक नहीं होने देना चाहती है।
चंडीगढ़, अक्टूबर 30, 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र कांग्रेस आलाकमान ने रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। पंजाब में कांग्रेस की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं, इसलिए आलाकमान आगामी विधानसभा में कोई चूक नहीं होने देना चाहती है। कांग्रेस आलाकमान ने अब नवजोत सिंह सिद्धू पर भरोसा जताना कम कर दिया है। वहीं चरणजीत सिंह चन्नी पर भरोसा जताते हुए उन्हें पंजाब चुनाव की पूरी ज़िम्मेदारी सौंप दी है। इसके बाद से ही चरणजीत चन्नी कांग्रेस विधायकों से वन टू वन बैठक करते हुए उनके हलको की जानकारी ले रहे हैं।

CM चन्नी तैयार करेंगे चुनाव की रणनीति
कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफ़ा देने के बाद पंजाब के सियासी गलियारों में ये चर्चाएं तेज़ हो गईं थी कि कैप्टन के बाद अब पंजाब कांग्रेस की बागडोर नवजोत सिंह सिद्धू के हाथों में होगी और आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति भी नवजोत सिंह सिद्धू ही तैय करेंगे। लेकिन कांग्रेस आलाकमान ने नवजोत सिंह सिद्धू को साइडलाइन करते हुए सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति तैयार करने की पूरी जिम्मेमदारी दे दी है। सूत्रों की माने तो कांग्रेस आलाकमान सिद्धू की हरकतों की वजह से उनसे नाराज़ चल रही है। बताया जा रहा है कि सीएम चन्नी को दिल्ली पंजाब चुनाव की ज़िम्मेदारी सौंपने के लिए बुलाया गया था।

कांग्रेस आलाकमान के साथ बैठक
मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के दिल्ली दौरे के दौरान उनसे पंजाब चुनाव की रणनीति पर चर्चा की गई थी। बैठक में पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधीर भी मौजूद थे। पार्टी नेताओं ने राहुल गांधी को बताया कि पंजाब अध्यवक्ष बनाए जाने के बाद नवजोत सिद्धू अब तक प्रदेश संगठन के गठन की चर्चा तो करते रहे हैं लेकिन उन्होंने इसके लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। नवजोत सिंह सिद्धू के जिस तरह से काम कर रहे हैं उससे कांग्रेस के जिला, ब्लॉ क और ग्रामीण स्तंर के नेता और कार्यकर्ताओं में काफी मायूसी हैं। विधानसभा चुनाव के दिन क़रीब आ रहे हैं लेकिन चुनाव की तैयारी के लिए कोई ठोस क़दम नहीं उठाया जा रहा है।

सिद्धू पर पार्टी आलाकमान का भरोसा नहीं
कांग्रेस आलाकमान ने पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को आगामी विधानसभा चुनाव की कमान इसलिए सौंपी है ताकि वह कैप्टमन अमरिंदर सिंह को रोकने के लिए रोडमैप तैयार कर सकें। वहीं सियासी गलियारों में यह चर्चा भी ज़ोरों पर है कि कांग्रेस आलाकमान का नवजोत सिंह सिद्धू से पूरी तरह से विश्वास उठ गया है, इसलिए ही मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को यह ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। जिस तरह से नवजोत सिंह सिद्धू ने कैप्टंन और सीएम चन्नीत के खिलाफ मुहिम चलाई उसके बाद से पार्टी आलाकमान का सिद्धू पर से भरोसा उठ गया है। दिल्ली में हुई बैठक के दौरान चन्नी और सिद्धू के मुद्दों का कोई हल निकला। इस पर भी कई तरह के क़यास लगाए जा रहे हैं। सियासी जानकारों का कहना है कि नवजोत सिंह सिद्धू सीएम बनना चाहते हैं इसलिए वह अपने तेवर ढीले नहीं करेंगे। पिछले दिनों एक वीडियो भी वायरल हुआ था जिसमे वह पार्टी के ख़िलाफ़ कथित तौर पर अपशब्द का इस्तमेला करते हुए नज़र आए थे। इससे भी लगता है कि सिद्धू अपने तेवर बदलने वाले नहीं हैं।
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