पंजाब कांग्रेस विधायक ने की बग़ावत, कहा- कैप्टन के नेतृत्व में नहीं लड़ेगे चुनाव, सिद्धू को बनाएं CM का चेहरा
पंजाब कांग्रेस में 2022 विधानसभा चुनाव से पहले जारी कलह ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। पंजाब कांग्रेस में अब सीएम पद की दावेदारी के लिए खींचतान शुरू हो गई है।
चंडीगढ़, सितंबर 13, 2021 । पंजाब कांग्रेस में 2022 विधानसभा चुनाव से पहले जारी कलह ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। पंजाब कांग्रेस में अब सीएम पद की दावेदारी के लिए खींचतान शुरू हो गई है। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के खेमा के नेताओं ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में चुनाव लड़ने का विरोध शुरू कर दिया है। इन्हीं सब मुद्दों पर वन इंडिया हिंदी ने अमरगढ़ विधायक सुरजीत धीमान से बात की उन्होंने साफ़ तौर पर कह दिया की वह कैप्टन के नेतृत्व में चुनाव नहीं लड़ेंगे।

कैप्टन के ख़िलाफ़ बग़ावत
विधायक सुरजीत धीमान ने कहा
विधानसभा चुनाव में कैप्टन अमरिंदर की जगह नवजोत सिंह सिद्धू को पार्टी का चेहरा बनाया जाए। कैप्टन अमरिंदर के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव लड़ा जाएगा तो वह चुनावी रण में नहीं उतरेंगे।
धीमान ने कहा कि कैप्टन हमारे सीएम हैं, लेकिन मैं 2022 का विधानसभा चुनाव उनके नेतृत्व में नहीं लडूंगा। यह मेरा व्याक्तिगत फैसला है। नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब के हितों के बारे में सोचते हैं और इसको लेकर आवाज उठाते हैं। इसलिए, मरी मांग है कि अगले विधानसभा चुनाव में पंजाब कांग्रेस को चाहिए कि वह नवजोत सिंह सिद्धू को अपना चेहरा बनाए।
धीमान ने साधा CM पर निशाना
आपको बता दें कि इससे पहले भी धीमान कई मौकों पर सीएम कैप्टन अमरिंदर पर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने नशे के मुद्दे पर भई कैप्टन सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी थीं। धीमान ने कहा था कि अब भी अकालियों के शासन की तरह ही पंजाब में नशे का कारोबार चल रहा है। धीमान के इस बयान से कैप्टन सरकार की काफी किरकिरी हुई थी। कैप्टन के ख़िलाफ़ सुरजीत धीमान की खुली बगावत ने पंजाब कांग्रेस में हलचल पैदा कर दी है। माना जा रहा है कि अभी कई और विधायक खुलकर सामने आ सकते हैं। पंजाब विधानसभा चुनाव में सीएम कैप्टन अमरिंदर को नेतृत्व देने का विरोध कर सकते हैं।
पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने दी सफ़ाई
ग़ौरतलब है कि पंजाब कांग्रेस के महासचिव और सिद्धू समर्थक कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने भी पिछले दिनों कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा का विरोध किया था। परगट सिंह ने तो इस मुद्दे को लेकर पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत पर भी निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि रावत को इस तरह की घोषणा करने का अधिकार किसने दिया कि विधानसभा चुनाव में कौन नेतृत्व करेगा और कौन चेहरा होगा। इसके बाद पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत को सफाई देनी पड़ी थी। उन्होंने कहा था कि चुनाव पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा।
सिद्धू को CM पद का दावेदार बनाने की मांग
पंजाब कांग्रेस में घमासान को शांत करने के लिए पिछले दिनों हरीश रावत को चंडीगढ़ आना पड़ा था। वह तीन दिनों तक चंडीगढ़ में रहे और पार्टी के नेताओं के साथ बात की। इसके बाद मामला कुछ शांत हुआ था। लेकिन अब सुरजीत धीमान के बगावती तेवर से एक बार फिर सियासत तेज़ होने के आसार हैं। धीमान ने कहा कि वह कैप्टन के नेतृत्व में पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 नहीं लड़ेंगे। इसके साथ ही उन्होंने अगले चुनाव के लिए नवजोत सिंह सिद्धू को कांग्रेस का सीएम चेहरा बनाने की मांग भी की है।
CM के ख़िलाफ़ मंत्री और विधायक
आपको बता दें कि पंजाब के चार मंत्री और करीब दो दर्जन विधायकों ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के ख़िलाफ़ बग़ावत कर दी थी। चारों बाग़ी कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सुखजिंदर सिंह रंधावा, सुखबिंदर सिंह सरकारिया और चरणजीत सिंह चन्नीग ने करीब दो दर्जन विधायकों के साथ बैठक कर कैप्टन अमरिंदर सिंह के के ख़िलाफ़ अविश्वास जताया था। इन लोगों ने सीएम बदलने की मांग भी की थी। बाग़ी मंत्रियों के साथ सिद्धू के करीबी परगट सिंह ने भी इस मुद्दे पर सक्रिय थे। हरीश रावत से मुलक़ात के बाद इन नेताओं ने आलाकमान से मिलने के लिए कई दिनों तक दिल्ली में भी डेरा जमाया था।












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